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डीएम ने तलब की पत्रावलियां

Tue, 19 Apr 2016 11:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
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रायबरेली में सिविल लाइंस चौराहे के पास कमला नेहरू ट्रस्ट की वह जमीन, जिसका किया गया एग्रीमेंट। - फोटो : अमर उजाला
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कमला नेहरू एजूकेशन सोसाइटी की करोड़ों रुपये की जमीन का एग्रीमेंट कराए जाने की मामले की जांच शुरू हो गई है। शिकायत पर डीएम ने पत्रावलियां तलब की हैं। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच एडीएम वित्त एवं राजस्व को सौैंपकर पूरे मामले की जल्द रिपोर्ट मांगी है।
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जांच शुरू होने के बाद राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी जमीन से जुड़े रिकॉर्ड खंगालने में जुट गए हैं। शहर के सिविल लाइंस चौराहे पर करीब पांच बीघा जमीन कमला नेहरू एजूकेशन सोसाइटी के नाम दर्ज है। 

इसका एग्रीमेंट चर्चित रहे दस्यु सरगना ददुआ के भाई व पूर्व सपा सांसद बालकुमार पटेल की पत्नी रामबाई पटेल, उनके पुत्र व वर्तमान सपा विधायक राम सिंह, सुधीर सिंह और राकेश सिंह को करा दिया गया है। यह मामला उजागर होने के बाद लोगों में गुस्सा है।
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साथ ही लोग इसकी जांच कराने की मांग कर रहे थे। व्यापारियों ने डीएम को ज्ञापन देकर मामले की जांच कराने की मांग की थी। मामला तूल पकड़ता देख डीएम ने मामले से जुड़ी पत्रावलियां तलब कर पूरे प्रकरण की जांच एडीएम वित्त एवं राजस्व शीतला प्रसाद को सौंपी है।

ताकि इस मामले को लेकर सच्चाई क्या है, वह सामने आ सके। डीएम के पत्रावलियां तलब करते ही जमीन से जुड़े दस्तावेज खंगाले जा रहे है। कमला नेहरू एजूकेशन सोसाइटी की जमीन का एग्रीमेंट कराने में कांग्रेसियों के शामिल होने की बात सामने आई है।

लेकिन यहां के कांग्रेसी पाकसाफ बनने की कोशिश में लगे हैं। एग्रीमेंट कराने वाले सुनील देव और सुरजीत सिंह और सुनील तिवारी कांग्रेसी माने जाते हैं। लेकिन सवाल उठ रहा है कि आखिर अब तक इन पर संगठनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की जा सकी।

लोगों की मानें तो कांग्रेसियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि सोसाइटी की जमीन को बेचने से बचाया जा सका और इस जमीन पर महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए महाविद्यालय बनने का सपना साकार हो सके।

कमला नेहरू एजूकेशन सोसाइटी की जमीन पर महिला विद्यालय खोलने की बात कही गई थी। लेकिन असलियत ये है कि सोसाइटी के लोगों ने कभी इस जमीन का ख्याल नहीं रखा। राजस्व विभाग की मानें तो सोसाइटी के नाम पर सिविल लाइंस पर पांच बीघा जमीन दर्ज है।

लेकिन मौजूदा समय में महज तीन बीघे जमीन शेष बची है। वजह सड़क और ओवरब्रिज बनने में जमीन चली गई है। पर इसका मुद्दा कभी नहीं उठाया गया। सोसाइटी की तरफ से जमीन को ठिकाने लगाने की ही हर बार कोशिश की गई।

पहले फ्री होल्ड और फिर जमीन का एग्रीमेंट तथ्यों को छिपाकर किया गया। यह मामला उजागर होने के बाद हर दिन जमीन से जुडे़ तरह-तरह के खुलासे हो रहे हैं। डीएम सूर्यपाल गंगवार ने कहा कि कमला नेहरू एजूकेशन सोसाइटी की जमीन के मामले के प्रकरण की जांच कराई जा रही है।
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अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को इस मामले की जांच सौंपी गई है। साथ ही पत्रावलियां तलब की गई हैं। जल्द सही बात सामने आएगी।
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