रायबरेली। शहर की सड़कों व अन्य कार्यों की बानगी लेने के बाद शुक्रवार को डीएम वैभव श्रीवास्तव अवैध निर्माणों की जांच करने के लिए निकले। उन्होंने शहर के घंटाघर, मोटल चौराहा, गणेश नगर सहित कई स्थानों पर जांच की।
डीएम के आदेश पर घंटाघर चौराहा स्थित एक कांप्लेक्स को सील कर दिया गया है। हालांकि आरडीए के सचिव ने डेढ़ महीने पहले ही एक भवन को सील करने के आदेश जारी कर दिए थे, लेकिन क्षेत्र के जेई सुनील त्यागी ने अब तक भवन को सील नहीं किया था।
डीएम ने शुक्रवार को सबसे पहले घंटाघर चौराहा पहुंचकर निर्माणाधीन भवनों को देखा। नक्शा भी चेक किया। उन्हें निर्माण नक्शे के विपरीत मिला। डीएम के आदेश पर घंटाघर चौराहा स्थित पुरुषोत्तम गुप्ता कांप्लेक्स को सील कर दिया गया।
शिकायत पर डीएम मोटल चौराहे के पास स्थित गणेश नगर पहुंचे और नाली की गुणवत्ता की जांच की। डीएम ने कई और सड़कों व निर्माण को भी देखने के बाद आरडीए के सचिव से शहर में भवनों के निर्माण के संबंध में जानकारी ली।
आरडीए सचिव एके राय ने बताया कि घंटाघर चौराहा पर निर्माण करा रहे भवन के मालिक पुरुषोत्तम गुप्ता ने आवेदन करके 15 दिन का समय मांगा था, लेकिन कंपाउंडिंग के लिए मैप जमा न किए जाने के कारण शुक्रवार को भवन को सील करा दिया गया है। अन्य भवनों के मालिकों को भी कंपाउंडिंग कराने के आदेश दिए गए हैं। आरडीए के सचिव एके राय, अधिशासी अभियंता बीपी मौर्या आदि अधिकारी मौजूद रहे।