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चलने-फिरने में दिक्कत, पर वोट डालने में किसी से पीछे नहीं

Tue, 01 Dec 2015 11:57 PM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
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100 वर्ष पार करने के बाद भी बुजुर्ग वोटर अपने मताधिकार का प्रयोग करना नहीं भूले। उनके चेहरे पर खुशी के भाव थे। कोई अपने परिवारीजनों के साथ तो कोई पैदल ही चलकर बूथ तक पहुंचा।
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पूछने पर उनका जवाब था-वोटवा जरूर डालै का चही, यह कामै तो बहुतै ही जरूरी है। यहिकै लिए जरूर समय निकालै का चही।

डलमऊ ब्लॉक क्षेत्र के मतदान केंद्र कठगर में 100 साल की जनक दुलारी वोट डालने पहुंची। बूथ पर पहुंचने पर उन्हें कष्ट जरूर हुआ, लेकिन उन्हें इस बात का कतई मलाल नहीं था।

यहीं पर बुजुर्ग रघुबरदास भी वोट डालने पहुंचे। मतदान केंद्र भागीरथ इंटर कॉलेज मुराईबाग में 104 वर्ष की धनपता अपने पोते के साथ वोट डालने पहुंची थी। कहती हैं कि वोट डारि यान।
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अब घर जाई रहिन है। लालगंज ब्लॉक क्षेत्र के मतदान केंद्र बेहटाकला में 100 साल की देवरती वोट डालने आई थी। वोट डालने के बाद बूथ के बाहर बैठ गई।

पूछने पर बताया कि पैदल वोट डारेन आ रहन। थक गैन। सहुंताय लेई तो फिर जाई। सरेनी ब्लॉक क्षेत्र के सरायं कुर्मी मतदान केंद्र पर भी 102 साल की रामदेई और अंगुरी वोट डालने पहुंचे।

इनका भी यही जवाब था। कहते हैं कि कष्ट तो होता है, लेकिन वोट डालना तो भी जरूरी है। सरेनी, लालगंज, खीरों और डलमऊ के हर बूथ पर बुजुर्गों का भी दबदबा दिखा।
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