कार्तिक पूर्णिमा पर बुधवार को डलमऊ के मुराईबाग कस्बे में लगा जाम।
डलमऊ (रायबरेली)। प्रांतीय कार्तिक पूर्णिमा मेले में श्रद्धालुओं को अव्यवस्थाओं से जूझना पड़ा। बैरिकेडिंग एवं बस स्टैंड और पार्किंग दूर होने से श्रद्धालुओं घाटों तक पहुंचने के लिए पांच किमी पैदल चलना। विभिन्न स्थानों पर तैनात पुलिसकर्मियों और श्रद्धालुओं के बीच कहासुनी तक हुई। जाम की स्थिति भी रही। इससे भी श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मुराईबाग मुख्य चौराहे पर चार नवंबर शाम से ही सड़क घाट की ओर चार पहिया और दो पहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई जाने से आने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानी उठानी पड़ी। अमेठी जनपद से आए रामसेवक, सुनील कुमार, गयादीन ने बताया कि शाम को ही मुराईबाग पहुंच गए। पुलिस ने मुख्य चौराहे पर ही रोक दिया। दो पहिया वाहन नहीं जाने दिया। इससे तीन किमी. दूरी पर मोटरसाइकिल पार्क कर घाटों तक पहुंचना पड़ा। नगर पंचायत की ओर से बनाए गए चेंजिंग रूम भी अव्यवस्था का शिकार रहे।
58 बच्चों को परिवार से मिलाया
डलमऊ के प्रांतीय कार्तिक पूर्णिमा मेला में खोया पाया केंद्र स्थापित किया गया था। केंद्र प्रभारी बालेंद्र गौतम ने बताया कि 58 बच्चे अपने परिवार से बिछड़ गए थे। इन बच्चों को उनके परिवार से मिलाया गया। बच्चों को पाकर परिजनों के चेहरे खुशी से खिल उठे।