रायबरेली। जिले में 20 ऐसे परिषदीय विद्यालयों में नए भवनों का निर्माण कराया जाएगा, जहां पुराने जर्जर भवनों के ध्वस्त होने के बाद बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं थी।
इनमें 19 प्राथमिक विद्यालय तो एक जूनियर हाईस्कूल का भवन है। प्राथमिक विद्यालय का भवन 11.21 लाख रुपये की लागत से बनेगा तो जूनियर हाईस्कूल का निर्माण 20.68 लाख से होगा।
नए भवनों के बनने से बच्चों को बैठने में सुविधा मिल सकेगी और वे बेहतर ढंग से पढ़ाई कर सकेंगे। निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले में जर्जर विद्यालय भवनों की पड़ताल कराई गई थी। इसमें ध्वस्तीकरण योग्य विद्यालय के मूल भवनों या आंशिक भवनों को चिह्नित कर उन्हें ध्वस्त कराया गया था। इससे कई स्कूलों में बच्चों के बैठने की जगह कम पड़ गई।
कहीं अतिरिक्त क्लासरूम में कक्षाएं चल रही हैं तो कहीं बगल के स्कूल में पढ़ाई हो रही है। इस समस्या के निदान के लिए अभी 20 विद्यालयों में नए भवन बनाने का बजट आया है। संबंधित विद्यालयों को बजट भेजकर निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है। नए भवन बनने से स्कूलों में बच्चों को बैठने के लिए पर्याप्त जगह मिल जाएगी।
जिन 20 स्कूलों में नए भवन बनेंगे, उनमें डलमऊ का विद्यालय जूनियर हाईस्कूल है तो बाकी 19 में प्राथमिक विद्यालय के लिए भवन बनेगा। जिला समन्वयक (निर्माण) सत्यम वर्मा ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय में दो कमरे, एक बरामदा और एक हेडमास्टर कक्ष बनेगा।
जबकि उच्च प्राथमिक विद्यालय में चार कमरे, एक बरामदा और एक हेडमास्टर कक्ष का निर्माण कराया जाएगा। प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय के लिए 11.21 लाख रुपये और जूनियर हाईस्कूल के लिए 20.68 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
जिन विद्यालयों में भवन पूरी तरह जर्जर हो गए थे और बच्चों के बैठने की जगह नहीं थी। ऐसे 20 स्कूलों में भवनों का निर्माण कराया जाएगा। निर्माण में मानकों की अनदेखी नहीं होने पाएगी। कई स्थानों पर काम शुरू हो गया है।
-शिवेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए