रायबरेली। वित्तीय वर्ष 2021-22 का करीब सवा करोड़ रुपये का बजट सरकारी विभाग खर्च नहीं कर पाए। वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन 31 मार्च की रात तक शासन से विभागों को करोड़ों के बजट आवंटित किए गए।
तमाम प्रयास के बावजूद विभाग आखिरी दिन 55.90 करोड़ रुपये ही खर्च कर पाए। विभिन्न सहायता व मुआवजे की धनराशि के साथ ही कई विभागों के लंबित वेतन के भुगतान भी अंतिम दिन बजट मिलने के बाद हो गए।
विधानसभा चुनाव के कारण इस बार जिले के विभागों को समय से बजट नहीं मिल पाया। हालांकि जिन विभागों को बजट मिला भी था, वह भी चुनाव के कारण ही खर्च नहीं हो पाया।
वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन कई विभागों को बजट दिया गया। बाल विकास पुष्टाहार विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों का तीन महीने के वेतन के साथ ही विभिन्न सहायता और आर्थिक मदद का बजट भी जिले को देर से मिला। 31 मार्च को आधी रात तक सरकारी विभाग बजट को खर्च करने में जुटे रहे।
विभाग आखिरी दिन 55.90 करोड़ रुपये ही खर्च कर पाए। स्वास्थ्य विभाग, बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, पंचायतीराज, पशुपालन व कृषि विभाग सहित अन्य विभाग करोड़ों का बजट खर्च नहीं कर पाए। जिले में करीब सवा अरब रुपये का बजट खर्च नहीं हो पाया।
जिले के सबसे अधिक बजट वाले विभागों में खर्च
विभाग मिला बजट (करोड़ में) खर्च बजट (करोड़ में)
बेसिक शिक्षा 658.66 648.77
पुलिस विभाग 302.03 299.52
मेडिकल 145.14 132.93
डीआईओएस 120.72 118.73
कलेक्ट्रेट 68.37 63.28
डीपीआरओ 89.15 86.49
समाज कल्याण 49.66 47.33
कृषि विभाग 21.80 21.15
पशुपालन 14.67 14.10
दैवीय आपदा 13.60 10.09
फारेस्ट 18.29 17.50
आबकारी 2.79 2.70
उद्योग 3.79 3.76
उद्यान 1.72 1.69
एआरटीओ 2.44 2.13
विभाग का नाम खर्च धनराशि (लाखों में)
उप जिलाधिकारी कलेक्ट्रेट 754.94
उप निदेशक कृषि 279.40
पुलिस उप अधीक्षक 253.94
होम गार्ड्स 124.41
माध्यमिक शिक्षा 210.92
पीएसी 236.71
सीएमओ 140.14
समाज कल्याण विभाग 86.10
सीएमएस महिला 73.90
जिला कार्यक्रम अधिकारी 68.37
पशुपालन 51.37
निर्वाचन कार्यालय 45.84
डीपीआरओ 41.96
सीएमएस पुरुष 36.58
प्रोबेशन अधिकारी 22.71
जिला उद्योग केंद्र 13.36
वित्तीय वर्ष 2021-22 खत्म हो गया है। आखिरी दिन तक बजट मिलने के कारण शत प्रतिशत पेमेंट नहीं हो सका। विभागों ने देर रात तक बजट को खर्च करने का पूरा प्रयास किया। आखिरी दिन 55.90 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
- जितेंद्र सिंह, वरिष्ठ कोषाधिकारी