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Raebareli News: खींचतान में फंसा शहर का विकास

Fri, 11 Apr 2025 12:22 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
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रायबरेली। सभासदों और पालिकाध्यक्ष के बीच चल रही तनातनी का असर शहर के विकास कार्यों पर पड़ रहा है। हालात यही रहे तो विकास कार्य थम जाएंगे। बुधवार को विकास कार्यों पर चर्चा किए बिना बोर्ड की बैठक स्थगित किए जाने से खफा सभासदों ने बृहस्पतिवार को सवाल उठाए और ऐलान किया कि मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से करेंगे। साथ ही आरोप लगाया कि पालिकाध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी (ईओ) अपनी कुर्सी बचाने के लिए मिलकर राजनीति कर रहे हैं।
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सभासद सतीश कुमार मिश्रा, जय प्रकाश वर्मा ने बताया कि बुधवार को बोर्ड की बैठक में पालिकाध्यक्ष शत्रोह्न सोनकर के 50 लाख तक के कार्य कराने के एजेंडे को वापस लेने की मांग की गई थी। ईओ ने इस एजेंडे को बोर्ड की बैठक में शामिल ही नहीं किया। साल 2024 के सितंबर में हुई बोर्ड बैठक में ईओ के खिलाफ भी निंदा प्रस्ताव पास किया गया था।

दोनों एजेंडे बोर्ड की बैठक में फिर से पास न हो जाएं, इसलिए पालिकाध्यक्ष और ईओ ने बोर्ड की बैठक कोरम पूरा न होने का हवाला देकर स्थगित कर दी। इस मामले की शिकायत लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री से की जाएगी। शहर के सभी वार्डों में नाली, खड़ंजा, सड़क निर्माण समेत अन्य कार्य प्रभावित चल रहे हैं। सभासद पंकज साहू, रामखेलावन बारी, पुष्पा यादव का कहना है कि पालिकाध्यक्ष और ईओ की मनमानी बंद होनी चाहिए। ऐसा नहीं हुआ तो कलेक्ट्रेट में धरना दिया जाएगा।
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उधर, पालिकाध्यक्ष का कहना है कि कोरम पूरा न होने पर बोर्ड की बैठक स्थगित की गई थी। शहर के 34 वार्डों में विकास कार्य कराए जा रहे हैं। सभासदों के आरोप निराधार हैं। ईओ स्वर्ण सिंह का कहना है कि सभासदों से बातचीत कर जल्द कोई न कोई हल निकाल लिया जाएगा। बोर्ड की बैठक जल्द कराने पर विचार किया जा रहा है। शहर में विकास कार्य प्रभावित नहीं हैं।

आरोप...ईओ के इशारे पर पालिकाध्यक्ष ने किया कार्य
सभासदों का आरोप है कि पालिकाध्यक्ष ने बोर्ड की बैठक को आधे घंटे के लिए स्थगित किया था। इस अवधि में पालिकाध्यक्ष और ईओ ने सांठगांठ कर ली। आधे घंटे बाद पालिकाध्यक्ष बोर्ड की बैठक में आए और कोरम पूरा न होने का हवाला देकर बैठक स्थगित कर दी। बोर्ड स्थगित करने का पत्र तक जारी नहीं किया गया।

सदन ने पत्र दिखाने की मांग भी रखी। सभासदों का आरोप है कि विकास कार्यों के नाम पर घालमेल किया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हस्ताक्षर रजिस्टर तक गायब करा दिया गया। विरोध प्रदर्शन करने पर ईओ ने रजिस्टर सदन में मंगाया था। रजिस्टर पर सिर्फ पांच सभासदों ने ही हस्ताक्षर किया था।

जेल रोड की धूल बनी मुसीबत
जेल रोड पर उड़ रही धूल शहरवासियों के अलावा सफर करने वाले लोगों के लिए मुसीबत बनी है। लोगों को आवागमन में दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। सड़क खराब होने से जाम भी लगता है। जेल रोड को लोक निर्माण विभाग को हैंडओवर करने के लिए बोर्ड बैठक में हरी झंडी दी जानी थी। सभासदों का कहना है कि जेल रोड की मरम्मत हो, हम लोग खुद चाहते हैं, लेकिन पालिकाध्यक्ष और ईओ खुद नहीं चाहते हैं कि रोड पीडब्ल्यूडी के हैंडओवर की जाए।
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