रायबरेली में शुक्रवार को डलमऊ में बढ़ता गंगा का जलस्तर।
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पतित पावनी गंगा नदी का जलस्तर थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार बढ़ जलस्तर से कटरी क्षेत्र के लोगों में दहशत हैं। प्रशासन की ओर से महज कागजों पर इंतजाम किए जाने से लोगों में नाराजगी है। शुक्रवार की शाम तक जलस्तर 97.900 मीटर पर पहुंच गया।
गुरुवार को गंगा का जलस्तर 97.830 मीटर रहा। केंद्रीय जल आयोग की मानें तो जलस्तर में बढ़ोत्तरी हो रही है। जलस्तर बढ़ने से कृषि योग्य सैकड़ों बीघे भूमि जलमग्न हो गई है। वहीं धारा से उपजाऊ योग्य भूमि की कटान होने से किसान परेशान है। फसलों में पानी भरा होने के खराब होने की आशंका है।
गंगा नदी का खतरे का निशान 99.360 मीटर और चेतावनी बिंदु 98.360 मीटर है। इधर, गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक गुरुवार शाम तक जलस्तर 97.830 मीटर रिकार्ड किया गया, जबकि शुक्रवार को यह बढ़कर 97.900 पहुंच गया है।
पानी चेतावनी बिंदु को छूने को बेताब दिख रहा है। जलस्तर बढ़ने से कटरी के लोगों में दहशत है। क्षेत्र के रमाकांत लोधी, अशोक कुमार, पवन कुमार, संतोष त्रिवेदी ने बताया की गंगा के जलस्तर में पांच दिनों से हो रही वृद्धि से सैकड़ों बीघे कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। वहीं उड़द, धान आदि की फसलों में पानी भर गया है। यदि इसी रफ्तार से जलस्तर बढ़ा तो शीघ्र ही पानी गांवों तक पहुंच जाएगा। क्षेत्रीय अधिकारी बाढ़ को लेकर गंभीर नहीं है। पूरी तैयारियां कागजों पर तक ही सीमिति हैं।