रायबरेली। नशा मुक्ति कार्यक्रम के तहत जिले में 50 बेड का हॉस्पिटल संचालित कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अब तक भवन की व्यवस्था नहीं कर पाए हैं। यह अस्पताल एम्स दिल्ली के नेशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर (एनडीडीटीसी) की देखरेख में संचालित होना है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से तंबाकू निषेध कार्यक्रम संचालित होने के साथ ही 15 अगस्त से समाज कल्याण विभाग की ओर से नशामुक्त अभियान शुरू कराया गया।
नशामुक्ति कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए केंद्र सरकार ने जिले में 50 बेड का अस्पताल संचालित कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए समाज कल्याण अधिकारी ने सीएमओ को पत्र भेजकर भवन की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया था, लेकिन अब तक विभाग भवन की व्यवस्था नहीं करा पाया है। विभाग के अधिकारी कोरोना के कहर के कारण इस मामले में प्रक्रिया ही शुरू नहीं कर पाए हैं।
सीएमओ डॉ. वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पत्र पूर्व में आया था। हालांकि मामले को वे 28 सितंबर को दिखवाएंगे। जल्द ही भवन की व्यवस्था का प्रयास किया जाएगा। नशा मुक्ति के इलाज के लिए जिले में प्रस्तावित 50 बेड के अस्पताल में एक डॉक्टर के साथ ही एक-एक काउंसलर व डाटा मैनेजर की भर्ती होगी। चार नर्स भी अस्पताल में तैनात होंगी। जल्द ही भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। इसके अलावा दवा, स्टेशनरी, इंफ्रास्ट्रक्चर आदि के लिए अलग से बजट मिलेगा।
नशामुक्ति अभियान के तहत जिले में नशे की लत के मरीजों के इलाज के लिए 50 बेड का हॉस्पिटल खोले जाने का प्रस्ताव शासन से मिला है। सीएमओ से भवन की मांग की गई है। भवन की व्यवस्था होते ही अस्पताल का संचालन कराया जाएगा। इसके लिए मार्ग दर्शन आ गए हैं। जल्द ही बजट भी मिलेगा।- डॉ. वैभव त्रिपाठी, जिला समाज कल्याण अधिकारी