रायबरेली। मनरेगा के कार्यदायी विभाग 1171 कार्यों को एक साल में भी पूरा नहीं करा पाए। आठ विभाग तो 691 कार्यों की करीब सात करोड़ की दूसरी किस्त मांगना ही भूल गए।
ऐसी स्थिति में शासन की मंशा तार-तार हो रही है, जिन विभागों ने दूसरी किस्त ले भी ली है। उनमें कइयों का आम अधूरा है।
मामला संज्ञान में आने के बाद सीडीओ ने कार्यदायी विभागों के अधिकारियों को चेतावनी देकर 15 दिन में दूसरी किस्त लेकर काम पूरा कराने का आदेश दिया है।
वर्ष 2020-21 में मनरेगा योजना में कार्यदायी विभागों से करवाने के लिए 1171 कार्य स्वीकृत किए गए थे। करीब 20 करोड़ के इन कार्यों में पहली किस्त के रूप में 9.21 करोड़ रुपये विभागों को दे दिए गए हैं। विभागों को पहली किस्त की धनराशि खर्च कर दूसरी किस्त मांगने का आदेश दिया गया।
कार्यदायी विभागों ने 448 कार्यों के लिए 3.71 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त ही मांगी। नया वित्तीय वर्ष शुरू होने के बाद नौ माह बीतने के बाद भी कार्यदायी विभाग 691 कार्य पूरे कराने के लिए सात करोड़ रुपये की डिमांड करना भूल गए।
समीक्षा में मामला सामने आने के बाद सीडीओ ने लापरवाह अधिकारियों को चेतावनी देकर 15 दिन में दूसरी किस्त की डिमांड करके काम पूरा कराने का आदेश दिया है।
सीडीओ ने ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग, भूमि विकास विभाग, शारदा सहायक खंड 28 हैदरगढ़, शारदा खंड 41 अमेठी, शारदा खंड 45 रायबरेली, सिंचाई विभाग खंड प्रतापगढ़, सिंचाई खंड विभाग खंड उन्नाव और जिला उद्यान विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
वित्तीय वर्ष 2020-21 में 20 करोड़ के 1171 कार्य स्वीकृत किए गए थे। सभी कार्यों के लिए पहली किस्त 9.21 करोड़ रुपये दिए गए थे। 448 कार्यों के लिए 3.71 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त दी गई। आठ विभागों ने 691 कार्यों के लिए दूसरी किस्त की डिमांड नहीं की है। सीडीओ के स्तर से 15 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है।
- जीपी कुशवाहा, उपायुक्त (मनरेगा)