रायबरेली। डलमऊ पंप नहर में पुलों के निर्माण के चलते पानी रोक देने से एक लाख किसानों के सामने सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। तेज धूप के कारण फसल सूखने के साथ उसमें तरह-तरह के रोग लगने शुरू हो गए हैं। इसको लेकर किसान परेशान हैं। किसानों का कहना है कि इस समय धान की फसल को पानी की सख्त जरूरत है, ऐसे में नहरों से पानी गायब होने से पूरी फसल चौपट होने का डर सताने लगा है।
डलमऊ पंप नहर से छोटी-बड़ी करीब 80 माइनर निकली हैं। इससे डलमऊ, दीनशाह गौरा, ऊंचाहार, सतांव, राही, जगतपुर ब्लॉक क्षेत्र के करीब एक लाख से ज्यादा किसान फसलों की सिंचाई करते हैं। सात सितंबर को कैनाल नहर का पानी रोक दिया गया। इससे कैनाल से जुड़ी सभी नहरों के सूख जाने से उनमें धूल उड़ रही है। किसान नेता मनोज कुमार यादव, राममूर्ति यादव, संजय सिंह, जयशंकर पांडेय, वासुदेव लोधी, विवेक पटेल ने बताया कि पिछले दिनों हुई बारिश से धान की फसल काफी बेहतर हो गई थी।
उन्होंने बताया कि एक सप्ताह से बारिश थमने के साथ तेज धूप निकलने के कारण फसल सूखने लगी है। सूखे के कारण धान की फसल में पत्ती लपेटक, कीड़े लग रहे हैं। वर्तमान में धान की फसल में बालियां बन रही हैं। इस दौरान फसल को पानी की ज्यादा जरूरत रहती है। यदि नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया, तो फसल चौपट होने के साथ उत्पादन पर भी असर पड़ेगा। सिंचाई खंड दक्षिणी के अधिशासी अभियंता बृजेश कुमार मौर्य ने बताया कि डलमऊ पंप कैनाल नहर पर चार जगह पुलों का निर्माण चल रहा है। ठेकेदारों को पुलों में नीचे का काम जल्दी पूरा करने के लिए कहा गया है। यदि बारिश नहीं हुई, तो काम रोकने के बाद नहर में पानी छोड़ा जाएगा।