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हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आई मिक्सर मशीन, तीन भाई समेत छह मजदूर झुलसे

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रायबरेली। शहर के रामविलास नगर मोहल्ले में मंगलवार को मकान की छत डालते समय मिक्सर मशीन में लगा लोहे का एंगल मकान के ऊपर से गुजरी हाईटेंशन लाइन से छू गया। इस दौरान करंट की चपेट में आने से तीन भाइयों समेत छह मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए।
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आननफानन घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां मजदूराें का इलाज चल रहा है। सूचना पाकर पावर कॉर्पोरेशन के अभियंताओं ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की।
हादसे के बाद मकान बनवा रहा गृहस्वामी मौके से भाग गया। घटना से मोहल्ले के लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि तार ढीले होने की वजह से यह हादसा हुआ।
शहर के रामविलास नगर मोहल्ले के पास मुंशीगंज फीडर की लाइन गुजरी है। यहां पर कई लोगों ने हाईटेंशन लाइन के नीचे मकान का निर्माण करा लिया है। मंगलवार को मोहल्ले में एक मकान का निर्माण हो रहा था।
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मकान की छत डालने के लिए सीमेंट की गिट्टियों को मिलाने की मशीन (मिक्सर मशीन) बुलाई गई। श्रमिकों ने मसाला ऊपर चढ़ाने के लिए मशीन में लोहे का एंगल लगाकर काम शुरू किया। इसी दौरान मशीन को आगे-पीछे करने में लोहे का एंगल ऊपर से निकली बिजली की लाइन से छू गया।
अचानक मशीन में करंट उतर आया, जिसकी चपेट में आने से तीन भाइयों बबलू, लल्लू, रज्जू समेत रामसुमेर, नन्हा व मनोज झुलस गए। इससे मोहल्ले के लोगों में अफरातफरी मच गई।
सूचना मिलने पर विद्युत वितरण खंड द्वितीय के एक्सईएन घनश्याम, एसडीओ राजीव यादव और अवर अभियंता मुकेश भारती मौके पर पहुंचे। घायलों को किसी तरह जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां सभी का इलाज चल रहा है। जिला अस्पताल में एसडीओ व जेई ने पीड़ित के परिवारीजनों को आर्थिक मदद दी।
ट्रिपिंग सिस्टम ने बचा ली जान
विद्युत उपकेंद्र त्रिपुला में ट्रिपिंग व्यवस्था दुरुस्त होने के कारण सभी श्रमिकों की जान बच गई। यदि ऐसा न होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। अक्सर विद्युत उपकेंद्र के फीडरों में कोई फॉल्ट या अनहोनी होती है तो फीडर उपकेंद्र से ट्रिप नहीं होते हैं। इस वजह से बड़ा हादसा हो जाता है। जैसे ही मिक्सर मशीन फीडर के तार के संपर्क में आई, वैसे ही लाइन ट्रिप हो गई। इस वजह से सभी मजदूरों की जान बच गई।
अवैध तरीके से हो रहा भवनों का निर्माण
शहर में अभियंताओं की मिलीभगत से धड़ल्ले से बिजली की लाइनों के नीचे भवनों का निर्माण हो रहा है। यही वजह है कि इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं। अभियंताओं से सेटिंग के कारण इन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
प्रगतिपुरम, छोटी बाजार, तेलियाकोट, मधुबन, सुपर मार्केट समेत कई मोहल्ले ऐसे हैं, जहां पर मकानों के ऊपर से बिजली की लाइनें निकली हैं। नियमत: बिजली की लाइन से छह फीट की दूरी तक कोई निर्माण नहीं होना चाहिए, लेकिन यहां ऐसा नहीं है।
अवैध तरीके से बनाए गए मकान
लाइनों के नीचे लोगों ने गलत तरीके से निर्माण करा लिया है। सुरक्षा के लिए यहां पर गॉर्डिंग तक लगाई गईं हैं, निर्माण में बाधा बनने की वजह से लोगों ने गार्डिंग तक हटवा दी है। निर्माण करा रहा भवन स्वामी मौके से भाग गया था। फीडर ट्रिप होने की वजह से बड़ी घटना होने से बच गई। विद्युत सुरक्षा निदेशालय की जांच के बाद पीड़ितों को मदद दिलाई जाएगी।
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-घनश्याम, विद्युत वितरण खंड, द्वितीय
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