रायबरेली। जिले में बुधवार रात आई आंधी और बारिश के बाद ध्वस्त हुई बिजली आपूर्ति व्यवस्था अब तक पटरी पर नहीं लौट सकी है। इससे करीब 600 गांवों में आपूर्ति नहीं हो पा रही है। दिन-रात लोगों को गर्मी और उमस से जूझना पड़ रहा है।
सबसे खराब हालत खीरों, कठगर, रनापुर, अटौरा, गुरुबख्शगंज की है। बिजली नहीं आने से लोगों को पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है। घरों में लगे बिजली उपकरण शोपीस बनकर रह गए हैं। बुधवार की रात तेज बारिश के साथ हवा चली थी, इससे जिले भर की बिजली व्यवस्था चौपट हो गई है।
शहर क्षेत्र की बिजली आपूर्ति तो शुरू हो गई, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। विद्युत उपकेंद्र कठगर से निकले फीडरों से आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है। इससे सैदनपुर, राजापुर, खागीपुर सड़वा, मटरू का पुरवा, बल्दी सिंह का पुरवा समेत 100 गांवों में आपूर्ति ठप है।
भोजपुर प्रतिनिधि के मुताबिक रनापुर विद्युत उपकेंद्र से निकले ऊसरू, राजापुर फीडरों की बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है। इससे 70 से ज्यादा गांव तीन दिन से अंधेरे में हैं। शिवकांत, सतीश, गोलू, अभिषेक, आंसू, रमाकांत, सुरेश ने बताया कि बिजली नहीं आने से हैंडपंप से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। जर्जर और ढीले तार आपूर्ति में रोड़ा बन रहे हैं। लोग मोबाइल तक चार्ज नहीं कर पा रहे हैं।
उधर, खीरों उपकेंद्र से निकले देवगांव, केतनापुर, गड़रियनखेड़ा, रमुवापुर दुबई, चक फेरशाह, चक गजराज, बसावन खेड़ा, उदवतपुर, मिर्जापुर, सरांय महमूद समेत 50 गांवों की बिजली गुल है। लोग गर्मी और उमस से बेहाल हैं। इसी तरह सलोन, सरेनी, सेमरी, ऊंचाहार, ऊंचाहार तहसील, करहिया बाजार, सूची उपकेंद्र से जुड़े गांवों की बिजली बहाल नहीं हो पाई है। अधीक्षण अभियंता मुकेश कुमार ने बताया कि आंधी में कई जगह खंभे और तार टूटे गए हैं। अभियंताओं को जल्द बिजली बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।