रायबरेली। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) के लिए आए अभ्यर्थियों के घर लौटने के कारण शहर के रेलवे स्टेशन पर काफी भीड़ रही। रविवार को पहली पाली की परीक्षा छूटने के बाद अभ्यर्थी स्टेशन पहुंचे तो वाराणसी की ओर जाने वाली पंजाब मेल आ चुकी थी। इससे अभ्यर्थी दौड़ लगाते हुए ट्रेन तक पहुंचे। अभ्यर्थियों की भीड़ आती देख ट्रेन को देर तक रोका गया। जैसे ही यह ट्रेन चलने लगी, दो बार चेन पुलिंग करके रोक दिया गया। इससे यह ट्रेन 15 मिनट से ज्यादा खड़ी रही। काफी संख्या में अभ्यर्थी ट्रेन नहीं पकड़ सके।
पंजाब मेल के जाने के कुछ देर बाद प्लेटफार्म नंबर दो पर ही लखनऊ-प्रयागराज पैसेंजर आई, जिससे ज्यादातर अभ्यर्थियों को प्रतापगढ़ की ओर रवाना किया गया। यह ट्रेन प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज जाती है। इस ट्रेन को लखनऊ से ही काफी विलंब से चलाया गया, जिससे यह ट्रेन साढ़े चार घंटे देरी से पहुंची। इस वजह से अभ्यर्थियों की काफी भीड़ निकल गई। इन दोनों ट्रेनों को पास कराने में सुरक्षा कर्मियों के पसीने छूट गए। ट्रेनों के रुकते ही अभ्यर्थियों की भीड़ टूट पड़ी। एसी और स्लीपर कोच में अभ्यर्थियों की भीड़ घुस गई। सुरक्षाकर्मियों ने भी जैसे-तैसे अभ्यर्थियों को ट्रेन से रवाना किया, ताकि भीड़ कम हो जाए।
लखनऊ की ओर जाने के लिए प्लेटफार्म नंबर एक पर आधे घंटे विलंब से पंजाब मेल आई तो बाकी भीड़ भी चली गई। बाकी बचे अभ्यर्थियों ने दूसरी ट्रेन का इंतजार किए बगैर पंजाब मेल से लखनऊ जाना ही उचित समझा, ताकि वहां से दूसरी ट्रेन पकड़कर घर लौट सकें। बनारस से देहरादून जाने वाली जनता मेल आई तो अभ्यर्थियों की बाकी भीड़ भी चली गई। सभी ट्रेनों को देर तक रोका गया, ताकि अभ्यर्थियों को ट्रेन में बैठने के लिए पर्याप्त समय मिल जाए। प्रशासनिक अफसरों ने पुलिस टीम के साथ स्टेशन परिसर में निगरानी की। इसके अलावा प्लेटफार्म और ट्रेनों की सुरक्षा व्यवस्था रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेलवे पुलिस ने संभाली।
लखनऊ से वाराणसी के लिए चली स्पेशल
पहले दिन की तरह दूसरे दिन भी लखनऊ से वाराणसी के लिए एक स्पेशल ट्रेन चलाई गई, ताकि छूटे अभ्यर्थियों को वापस घर भेजा जा सके। रविवार को देर शाम लखनऊ से चली यह स्पेशल ट्रेन बछरावां, हरचंदपुर होते हुए रायबरेली पहुंची। इससे जितने भी अभ्यर्थी जाने से छूट गए थे, उन सभी ने इस ट्रेन में सवार होकर आगे की यात्रा पूरी की।
यातायात निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि पहली पाली के अभ्यर्थी तो नियमित ट्रेनों से चले गए, लेकिन दूसरी पाली के अभ्यर्थियों को वापस जाने के लिए वाराणसी की ओर जाने वाली नियमित ट्रेन नहीं थी, जिससे लखनऊ-वाराणसी स्पेशल ट्रेन चलाई गई। आरपीएफ इंस्पेक्टर एके सिंह ने बताया कि पहले दिन आने और जाने वाले अभ्यर्थियों के कारण ज्यादा भीड़ रही। दूसरे दिन सिर्फ जाने वाले अभ्यर्थियों की भीड़ रही। सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रही।
ट्रेन के इंतजार में प्रश्नपत्र पर मंथन
अभ्यर्थियों की भीड़ के कारण शहर का हर हिस्सा खचाखच भरा नजर आया। किसी भी ट्रेन के आने पर जैसे ही जगह खाली होती, वैसे ही दूसरे परीक्षा केंद्रों से अभ्यर्थियों की भीड़ आ जाती। ट्रेनों के इंतजार में बैठे अभ्यर्थी समूह में परीक्षा के पेपर को लेकर मंथन करते भी दिखे। प्रतीक्षालय और प्लेटफार्म के साथ ही फुट-ओवरब्रिज पर भी अभ्यर्थियों के समूह नजर आए, जो प्रश्नपत्र हाथ में लेकर मोबाइल से सवालों के जवाब का मिलान करते नजर आए। अभ्यर्थी आशीष कुमार, अभिषेक रंजन, स्वाती देवी, रश्मि, अनिल रावत, शुभम यादव ने कहा कि पेपर काफी अच्छा हुआ, फिर भी खाली समय में बैठकर देख रहे हैं कि कितने सवाल सही हुए। इससे अंदाजा लग जाएगा कि कितने नंबर आएंगे। अभ्यर्थियों के चेहरों पर अच्छा पेपर होने का संतोष दिखा, वहीं घर लौटने की बेचैनी भी नजर आई।