जिला अस्पताल में परचा बनवने के लिए लगी लाइन।
रायबरेली। जिले में संक्रामक रोगों ने पांव पसार दिए हैं। मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भीड़ रही। उधर, बुखार की चपेट में आए 22 मरीजों को इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। सीने में दर्द उठने के बाद गंभीर हुए पांच मरीजों का भी इलाज शुरू किया गया। वहीं, ओपीडी में 1,800 से अधिक मरीज चिकित्सीय सलाह लेने पहुंचे।
मंगलवार सुबह से ही परचा काउंटर पर लंबी लाइन लग गई। मरीजों में महिलाओं की खासी संख्या रही। परचा बनवाने के बाद ओपीडी कक्षों के बाहर मरीजों ने अपनी बारी आने का इंतजार किया। दवा काउंटर के साथ ही पैथोलॉजी पर भी मारामारी दिखी। मेडिसिन व बाल रोग विभाग में सबसे ज्यादा मरीज पहुंचे।
उधर, बुखार का कहर बढ़ने लगा है। मंगलवार को हालत बिगड़ने पर इशरत (18), हर्ष (19), आर्यन (3), विराट (12), दीपाली (22), रिजवाना (54), मिथलेश (50), रोशन (2), रमेश (10) समेत 22 से अधिक मरीजों को भर्ती करके इलाज शुरू किया गया। इसके अलावा सीने में दर्द उठने के बाद माधुरी (30), कांता (65), चंद्रेश (53) समेत पांच मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सीएमएस डॉ. पुष्पेंद्र कुमार का कहना है कि संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में लोग सावधानी बरतें। समस्या होने पर मरीज को अस्पताल लाकर इलाज कराएं।
सर्पदंश के मरीज की हालत बिगड़ी, रेफर
डीह क्षेत्र के पूरे सेनऊ निवासी राधेश्याम (45) पुत्र महादेव को मंगलवार को करीब 11 बजे सर्पदंश के बाद जिला अस्पताल की इमरजेंसी लाया गया। सुधार न होने पर डॉ. गौरव त्रिवेदी ने मरीज को एम्स रेफर कर दिया।