फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Raebareli News: हवा व बारिश से खेतों में गिरी फसल

Sun, 05 Oct 2025 01:51 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
विज्ञापन
सतांव क्षेत्र के नकफुलहा में बारिश के बाद गिरी धान की फसल।
विज्ञापन
रायबरेली। जिले में तीन दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश और हवा के झोंकों से धान व सब्जियों की फसल को नुकसान हुआ है। अगैती धान की फसल खेतों में बिछ गई है। ऐसे में 600 किसानों ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराकर बीमा कंपनी से फसल नुकसान का मुआवजा मांगा है। जिले में करीब 25 फीसदी फसल के नुकसान की आशंका है।
विज्ञापन


इस बार जिले में करीब पांच लाख किसानों ने एक लाख 80 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की फसल की रोपाई की है। बृहस्पतिवार से लगातार रुककर बारिश होने के साथ हवा चल रही है। शुक्रवार रात भी तेज हवा चलने के साथ बारिश हुई। खेतों में पानी भर गया है। इससे हवा चलने पर धान की फसल खेतों में गिर गई है।

सदर, महराजगंज, लालगंज, ऊंचाहार, सलोन और डलमऊ तहसील क्षेत्रों के किसानों की अगैती धान की फसल खेतों में गिर गई है। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। धान के अलावा तोरई, फूलगोभी, बंदगोभी, करैला समेत अन्य सब्जी की फसल को भी नुकसान हुआ है।हलोर प्रतिनिधि के मुताबिक हलोर, पुरासी, अलीपुर, जमुरावां, कोटवा मोहम्मदाबाद, बारी गोहन्ना, हिलहा, कक्केपुर, भटसरा समेत अन्य गांवों के किसान की धान की फसल खेतों में गिर गई है।
विज्ञापन


किसान गंगासागर पांडेय, रामसागर चौधरी, संत कुमार चौधरी कहते हैं कि फसल जब अच्छी होती है तो मौसम उनके अरमानों पर पानी फेर देता है। खेतों में गिरने से धान की फसल का उत्पादन कम होगा। इससे लागत निकालना मुश्किल हो जाएगा। किसान शिवकुमार सिंह, ओम प्रकाश शुक्ला, अरुण कुमार सिंह, दिलीप तिवारी, बबलू मिश्रा, अनुराग चौधरी, रानू मिश्रा, हरिश्चंद्र कहते हैं कि बारिश से धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है। गिरी धान की फसल की कटाई मजदूर नहीं करेंगे। धान काटने के बाद उसकी बिक्री करने में दिक्कत आएगी।


बढ़ गए सब्जियों के दाम
सतांव। आशानंदपुर गांव के किसान अजय कुमार, पहाड़पुरखेड़ा के उदय वर्मा, राजाराम, पूरे शमशेर गांव के किसान दीपक कहते हैं कि बारिश से तोरई, करैला, लौकी समेत अन्य सब्जियों को नुकसान हुआ है। इससे सब्जियों के दाम में बढ़ोतरी हो गई है। बारिश के पहले लौकी 30 से 40 रुपये में बिक रही थी, लेकिन अब इसके दाम 60 रुपये प्रति किलो हो गए हैं। करैला 40 से 50 रुपये प्रति किलो की दर में बिक रहा था, अब इसके दाम 70 से 80 रुपये हो गए हैं। इसी तरह अन्य सब्जियों के दामों में बढ़ोतरी हो गई है। खेतों में पानी भरने के कारण आलू की बोआई का कार्य प्रभावित हो गया है।

चार दिन में हुई रिकार्ड बारिश
कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 2024 में एक अक्तूबर से चार अक्तूबर के बीच 4.20 मिमी वर्षा हुई थी। इस बार एक से चार अक्तूबर के बीच 17.10 मिमी. बारिश हुई है। मौसम में उतार-चढ़ाव बना है। कभी धूप निकल आती है तो कभी बदली छा जाती है। ऐसे में आगे और बारिश होने का अनुमान है।


फसल नुकसान का होगा सर्वे
हवा और बारिश से धान की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। फसल नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। 600 किसानों ने फसल नुकसान की शिकायत बीमा कंपनी को दर्ज कराई है।
- अखिलेश कुमार पांडेय, जिला कृषि अधिकारी


बारिश से अगैती धान को नुकसान
कृषि विज्ञान केंद्र दरियापुर के वैज्ञानिक डॉ. आरके कनौजिया कहते हैं कि बारिश से फसलों का नुकसान ज्यादा हुआ है, जबकि फायदा कम है। खासकर अगैती धान की फसल को नुकसान हुआ है, जबकि पिछैती धान की फसल को फायदा हुआ है। बारिश से किसान आलू, सरसों की फसलों की बोआई भी कर सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें