इन्हौना (रायबरेली)। इंद्रदेव की बेरुखी और नहरों में पानी न आने से धान की खेती में विलंब हो रहा है। इससे किसानों के चेहरे मुरझाए हैं। समय से पूर्व तो बारिश अच्छी हुई, लेकिन जब किसानों को धान की नर्सरी लगाने का समय आया तो बारिश ने धोखा दिया।
अब केवल नहरों के पानी की उम्मीद है। पानी के अभाव के धान की रोपाई नहीं हो पा रही है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नाराज किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नहर में पानी न आने से नाराज किसानों ने रविवार को नहर की पटरी पर खड़े होकर जमकर भड़ास निकाली।
तिलोई ब्लॉक क्षेत्र के गोड़खरी मजरे सेमरौता के किसान सूर्य प्रकाश, पारसनाथ, वेद प्रकाश, देवी प्रसाद, रोहित, भोला, राधे, बनवारी, शबीना आदि ने बताया कि सेमरौता माइनर में लगभग चार किलोमीटर तक नहर की खोदाई हुई है।
लगभग पांच किलोमीटर नहर की सफाई नहीं की गई है। इससे किसानों की तीन से चार हजार बीघा खेतों की सिंचाई नहर से होती है। सफाई नहीं होने से अब तक धान की रोपाई नहीं हो पाई। इससे किसान परेशान हैं। इससे धान की फसल पिछड़ रही है। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी योगेंद्र सिंह तिलोई को प्रार्थना पत्र देकर शीघ्र ही माइनर में पानी छोड़े जाने की मांग की है।