रायबरेली। बेमौसम हुई बारिश और ओलावृष्टि से किसानों के चेहरे पर मायूसी छा गई है। वजह गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। खासकर सबसे ज्यादा गेहूं की फसल को क्षति हुई है। हालात यह हैं कि बारिश व तेज हवा के कारण गेहूं की फसल खेत में बिछ गई है। 934 किसानों ने सबसे ज्यादा गेहूं की फसल के नुकसान होने की शिकायत कृषि विभाग में की है। कृषि विभाग ने शनिवार से फसल नुकसान का सर्वे भी शुरू करा दिया। अफसरों का दावा है कि बीमा कंपनी के जरिए किसानों को मुआवजा दिलाया जाएगा।
जिले में इस बार एक लाख 61 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल की बोआई की गई है। फसल इस बार अच्छी थी, लेकिन शुक्रवार की रात बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई। ओले की वजह से बालियां टूट गईं। महराजगंज, शिवगढ़, राही, डीह ब्लॉक क्षेत्रों में सबसे ज्यादा गेहूं की फसल के नुकसान की बात कही जा रही है। कुछ क्षेत्रों में सरसों की फसल को भी नुकसान हुआ है। फसल नुकसान के सर्वे के लिए राजस्व, कृषि विभाग और बीमा कंपनी की संयुक्त टीमें गठित की गई हैं। यह टीमें सुबह से ही क्षेत्रों में निकलकर प्रभावित क्षेत्रों में जाकर फसल नुकसान का सर्वे शुरू किया। शाम पांच बजे तक 934 किसानों ने फसल नुकसान की शिकायत दर्ज कराई थी।
ओले और बारिश से तैयार फसल को नुकसान
डीह। डीह ब्लॉक क्षेत्र में शुक्रवार शाम अचानक मौसम बिगड़ गया। बरसात के साथ ओले गिरने से किसान परेशान हो गए हैं। इस समय सरसों और गेहूं की फसल खेतों में पककर तैयार खड़ी है। किसानों शिव प्रसाद तिवारी, रामेश्वर यादव और बीरेंद्र ने बताया कि शुक्रवार को हुई बरसात और ओले हल्के थे। इससे उनकी फसलों को नुकसान हुआ है। हालांकि, यह नुकसान धूप निकलने के साथ सही हो जाएगा।
अच्छे उत्पादन की टूटी उम्मीद
सतांव ब्लॉक क्षेत्र के देदौर गांव के किसान गेंदा प्रसाद, कोरिहर गांव के सुरेश कुमार, सतांव के दिलीप कुमार ने गेहूं की फसल के नुकसान की शिकायत कृषि विभाग में दर्ज कराई है। गेंदा का कहना है कि गेहूं की फसल पूरी तरह से चौपट हो गई है। इस बार फसल अच्छी थी। उम्मीद था कि फसल उत्पादन अच्छा होगा, लेकिन बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि ने उनकी उम्मीदों को तोड़ दिया है। इससे उन्हें लागत निकालना मुश्किल हो जाएगा। कल्यानपुर रैली गांव के किसान कृपाशंकर मिश्रा कहते हैं कि गेहूं की फसल को काफी नुकसान हुआ है। फसल नुकसान का मुआवजा मिलना चाहिए।