रायबरेली। सदर कोतवाली और एसओजी टीम की मुठभेड़ में पकड़े गए दो बदमाशों ने पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा किया है। कानपुर देहात के रहने वाले इन बदमाशों ने बताया कि उन्होंने रायबरेली शहर के रहने वाले रिटायर्ड दरोगा रामनरेश सिंह से 12 अक्तूबर 2020 में 50 हजार रुपये की लूट की वारदात को अंजाम दिया था। दोनों ने रिटायर्ड दरोगा का पुलिस परिचय पत्र भी लूट लिया था।
चेकिंग के दौरान कोई पुलिस कर्मी दोनों को पकड़ता था तो वह रिटायर्ड दरोगा का परिचय पत्र दिखाकर उनका रिश्तेदार बताते थे। ऐसे में पुलिस को उन पर कोई शक नहीं होता था और वह आसानी से घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। पूछताछ के बाद दोनों बदमाशों को जेल भेज दिया गया। शहर के रेतीखुर्द के पास शनिवार रात सीओ सदर डॉ. अंजनी कुमार चतुर्वेदी, सदर कोतवाल अतुल सिंह और एसओजी टीम प्रभारी अमरेश कुमार त्रिपाठी की बदमाशों से मुठभेड़ हो गई थी।
मुठभेड़ के दौरान बदमाशों को गोली लगी थी, जबकि एक सिपाही भी जख्मी हुआ था। मामले में कानपुर देहात के रसूलाबाद निवासी जितेंद्र उर्फ अरविंद व मंगलपुर निवासी नीरज कुमार को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया। एसपी श्लोक कुमार ने बताया कि नीरज के खिलाफ पांच आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसमें से एक मुकदमा वाराणसी में दर्ज है। जितेंद्र के खिलाफ चार मुकदमे रायबरेली के सदर कोतवाली में दर्ज हैं।
यह दोनों कानपुर से सुबह चलकर रायबरेली आते थे और बैंकों के आसपास घूमकर लूट की वारदातों को अंजाम देते थे। रिटायर्ड दरोगा से इन्हीं बदमाशों ने लूट की थी। जिस दिन कोई व्यक्ति लूट का शिकार नहीं हो पाता था, उस दिन शहर में होटल में रुक जाते थे। इनकी गिरफ्तारी के लिए 10-10 हजार रुपये का ईनाम घोषित करते थे। इनकी निशानदेही पर 32 बोर, 315 बोर का एक-एक तमंचा, एटीएम कार्ड, पास बुक, पुलिस पहचान पत्र, बाइक और 14 हजार रुपये की नकदी बरामद की गई है। वाराणसी में लूट की घटना में दोनों जेल गए थे। दोनों जमानत पर चल रहे थे।
सदर कोतवाल अतुल सिंह ने बताया कि पकड़े गए दो बदमाशों के दो साथी भी इन्हीं के साथ मिलकर लूट की घटनाओं को अंजाम देते थे। उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किया जा रहा है। कोतवाल ने बताया कि कानपुर देहात के सचेंडी निवासी सुनील कुुमार और अकबरपुर थाना क्षेत्र के ब्रम्हा नगर निवासी अखिलेश कुमार भी यहां पर हुई लूट की घटनाओं में शामिल थे। दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगाई गई है।
सीओ सदर डॉ. अंजनी कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि 12 अक्तूबर पकड़े गए बदमाशों ने फरार अपने दो साथियों के साथ मिलकर हरचंदपुर कस्बे में चौधरी ट्रेडर्स की दुकान से डेढ़ लाख की लूट की थी। जुलाई माह में एक युवती से सोने की चेन भी इन्हीं बदमाशों ने लूटी थी। यह सभी शहर के इंदिरा नगर में भी एक महिला से गले से सोने की चेन छीनकर भागे थे। इनका एक गैंग है, जो लूट, चोरी की वारदातों को अंजाम देता है। इन सभी के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट की कार्रवाई भी कराई जाएगी।