महराजगंज क्षेत्र के कुबना गांव में शुक्रवार को एक युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी। बताते हैं कि वह पत्नी के मायके से वापस न आने की वजह से नाराज था। घटना के समय वह अकेले था। घर लौटे पिता की चीखपुकार पर ग्रामीण पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पुलिस ने छानबीन के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
कुबना गांव का रहने वाला सूरज (25) मजदूरी करता था। सुबह वह घर पर अकेले था। पिता शीतलादीन किसी काम से बाहर गया था, जबकि पत्नी संगीता मायके में थी। इसी दौरान सूरज ने घर के कमरे की छत पर लगे पंखे के कुंडे से साड़ी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली।
कुछ देर बाद पिता घर आया तो बेटे को फंदे से लटकता देख उसकी चीख निकल आई। शीतलादीन के रोने और चीखने की आवाज सुनकर आसपास के लोग एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने युवक को फंदे से नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी सांसे थम चुकी थी।
ग्रामीणों का कहना है कि सूरज पत्नी को लेकर जमुरावां गांव अपनी ससुराल गया था। वह तो वापस आ गया, लेकिन संगीता अपने मायके में रुक गई। युवक ने पत्नी को साथ लाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वह नहीं आई। इसे लेकर वह काफी नाराज था।
शायद यही वजह रही कि उसने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। घटना की जानकारी मिलने पर कार्यवाहक कोतवाल एके सरोज मौके पर पहुंचे। छानबीन के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उन्होंने बताया कि युवक ने सुसाइड की है। उसने ऐसा क्यों किया यह जानने के लिए जांच की जाएगी।