खीरों थाना क्षेत्र में सोमवार को खोदाई कराकर विवाहिता के शव को गड्ढे से बाहर निकाला गया। लाश जल्दी गल जाए, इसलिए हत्या आरोपियों ने गड्ढे के अंदर और ऊपर भारी तादाद में नमक डाल दिया था।
यही वजह रही कि लाश की खोदाई के दौरान नमक पाया गया। पुलिस के अनुसार जिस कानपुर की चप्पल फैक्ट्री में आरोपी पति नौकरी करता है, उसके मालिक भी वारदात में शामिल था।
वो अपनी कार से विवाहिता के शव को कुसुंडी गांव लाया था। पुलिस की जांच में यह भी बात सामने आई है कि आरोपी पति के एक महिला के साथ अवैध संबंध थे।
इस वजह से भी उसकी आए दिन पत्नी से विवाद होता था। दहेज में जब चांदी के कड़े नहीं मिले तो उसने विवाहिता को जलाकर मार डाला
खीरों थाना क्षेत्र के कुसुंडी गांव की रहने वाली रीता देवी (20) को पहले जलाकर मार डाला गया था और फिर उसके शव को गांव के बाहर खेत में गाड़ दिया गया था।
इसका खुलासा तब हुआ था, जब सरेनी थाना क्षेत्र के पल्टीखेड़ा गांव निवासी उसकी मां राजरानी बेटी की ससुराल पहुंची थी। इस मामले में पुलिस ने पति दिनेश, ससुर रामराज, सास और तीन अज्ञात के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है।
सोमवार सुबह जिला मजिस्ट्रेट से शव को खोदे जाने की अनुमति मिलने पर खीरों पुलिस ने एसडीएम लालगंज दिलीप कुमार त्रिगुनायत, कानूनगो दयाशंकर अग्निहोत्री, लेखपाल संतोष यादव की मौजूदगी में गांव पहुंचकर खोदाई करा कर शव निकलवाया।
शव पूरी तरह से जला हुआ था और चद्दर में लपेट कर गाड़ा गया था। साथ ही शव के साथ भारी तादाद में नमक डाला गया था। नमक इसलिए गड्ढे के ऊपर और अंदर डाला गया था, ताकि शव जल्दी से गल जाए।
मृतका की मां राजरानी, भाई विजय प्रसाद व अन्य रिश्तेदारों ने हाथ की चूड़ी, कंगन व अन्य सामान देखकर शव की पहचान मृतका रीता देवी के रूप में की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
पुलिस के अनुसार हिरासत में लिए गए पति और ससुर से पूछताछ व जांच में यह बात भी सामने आई है कि कानपुर में ही विवाहिता को जलाकर मार दिया गया था।
इसके बाद पति ने अपने फैक्ट्री मालिक की कार से शव को गांव लाकर खेत में गाड़ दिया था। साथ में मालिक भी गांव आया था। यही नहीं पति के एक महिला के साथ अवैध संबंध भी थे। इसको लेकर भी आए दिन विवाद होता था।