इससे भगदड़ मच गई। हमले में एक दंपती को पीटकर घायल कर दिया गया और कानपुर से आए लोगों के साथ हाथापाई की गई। इनको लाठी-डंडे लेकर दौड़ा लिया गया।
इससे काफी देर तक अफरातफरी का माहौल रहा। दोनों पक्षों ने तहरीर दी है। एसओ आरके सिंह का कहना है कि जांच करने के बाद एफआईआर दर्ज की जाएगी।
गोविंदपुर गांव में एक घर के सामने कुछ लोग पूजा पाठ कर रहे थे और काफी संख्या में लोग मौजूद थे। इसी दौरान कई ग्रामीण पहुंचे और हमला बोल दिया। कानपुर से आए लोगों के साथ हाथापाई की और लाठी-डंडे लेकर दौड़ा लिया। हमले में रामपाल और उनकी पत्नी बिट्टन घायल हो गई। कई और लोग भी चोटहिल हुए।
रामपाल का कहना है कि उसके घर के बाहर ईसा मसीह की प्रार्थना हो रही थी। इसमें कानपुर की संतोष कुमारी, शीतला यादव, राहुल, विनोद, उमेश आदि लोग भी शामिल होने आए थे। इसमें गांव के करीब 40 लोग शामिल थे।
रामपाल का कहना है कि इसी दौरान धर्म परिवर्तन की बात कहकर गांव के ही अनूप दीक्षित, भरोसे, अनुज आदि ग्रामीणों ने हमला बोल दिया। लाठी डंडे से मारना पीटना शुरू कर दिया। इसमें उसके साथ उसकी पत्नी समेत अन्य कई लोगों को चोटें आईं।
उधर, दूसरे पक्ष के अनूप, भरोसे आदि का कहना है कि गांव के लोगों का जबरिया धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था। इसका विरोध किया गया। किसी के साथ कोई मारपीट नहीं की गई।