सड़क पर अवैध कब्जे के खिलाफ कलेक्ट्रेट में आमरण अनशन पर बैठे एक दुकानदार को सदर कोतवाली पुलिस जबरन उठा ले गई। वहीं अन्य लोग पुलिस के डर से भाग खड़े हुए। पुलिस ने दुकानदार को जेल भेज दिया। इससे नागरिकों में आक्रोश है।
सम्राट नगर से बस्तेपुर जाने वाली रोड पर मोहल्ले का एक व्यक्ति अवैध निर्माण करा रहा है। शिकायत के बावजूद प्रशासन व पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
इससे नाराज गोरा बाजार चौराहा, बस्तेपुर और सम्राट नगर के नागरिकों ने जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विनय तरंग, दिनेश सिंह, अजय, हिमांशु, संजय मिश्रा आदि ने कलेक्ट्रेट में आमरण अनशन शुरू किया।
इसी दौरान कोतवाली पुलिस अनशन स्थल पर पहुंच गई और अनशन समाप्त करने को कहा। पुलिस के डर से अन्य लोग तो चले गए, लेकिन विनय ने आमरण अनशन तोड़ने से इंकार कर दिया।
इस पर पुलिस उसे अपने साथ कोतवाली ले आई। कोतवाली के एसएसआई रणजीत सिंह ने बताया कि विनय तरंग बिना अनुमति के कलेक्ट्रेट में अनशन और धरना दे रहा था। इस पर उसे जेल भेज दिया गया।