को फूंकने की कोशिश की, लेकिन इलाके के लोगों और अभिभावकों ने हालात काबू में कर लिए, जिससे बवाल होने से टल गया। उल्लेखनीय है कि बीते दो दिन पहले गोंडा में स्कूली वैन पलटने से दो मासूमों की जान चली गई थी व तीन बच्चे घायल हुए थे, वहीं श्रावस्ती में भी स्कूली वैन पलटने से 16 बच्चे जख्मी हो गए थे। इन घटनाओं से स्कूल प्रशासन ने सबक नहीं लिया जिसके चलते 11 बच्चे हादसे के शिकार हो गए।
नगर के शहीद स्मारक के पास स्थित बीएसएस पब्लिक स्कूल की बस सुबह बच्चों को लाने गांव गई थी। भदोखर थाना क्षेत्र के बेलाखारा, गौरा उबरनी, जफरापुर से बच्चों को लेकर बस स्कूल लौट रही थी। बस में करीब 25 बच्चे सवार थे। इसी दौरान मनेहरू-बेलाखारा रोड पर जफरापुर बाजार के पास बस बेकाबू होकर पलट गई।
इससे बस में बैठे बच्चों में चिल्लाहट मच गई। फकीर का पुरवा मजरे कोलाहैबतपुर निवासी बस चालक महेश समेत उसमें सवार करीब 12 से बच्चों को चोटें आई। बच्चों के रोने की आवाज सुन पहुंचे ग्रामीणों ने उन्हें बाहर निकाला।
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो घटना से गुस्साए लोगों ने क्षतिग्रस्त बस को आग के हवाले करने की कोशिश की, लेकिन तभी बच्चों के परिवारीजन पहुंच गए। अभिभावकों और क्षेत्र के लोगों ने समझाबुझाकर ग्रामीणों को शांत कराया, वरना दुर्घटना बवाल का रूप ले सकती थी। हादसे के बाद अभिभावकों ने निजी चिकित्सक और क्लीनिकों में बच्चों का इलाज कराया, फिर घर ले कर चले गए।