मैगलगंज थाने के पदुम भार्गव एनकाउंटर का जिन्न फिर बाहर निकल आया है। अब इसकी जद में विधायक और तत्कालीन एसओ समेत 15 पुलिसकर्मी आए हैं। पदुम की मां गंगाजली ने बेटे की साजिशन हत्या की कोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट के आदेश के बाद थाना मैगलगंज में कस्ता विधायक सुनील लाला, तत्कालीन एसओ विश्वनाथ यादव समेत 15 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में एससीएसटी एक्ट की धाराएं होने के कारण विवेचना सीओ मितौली को सौंपी गई है।
थाना मैगलगंज के श्रीपालपुर गांव में 29 जून 2014 को हुई मुठभेड़ में पुलिस ने पदुम भार्गव को मार गिराया था। उसके ऊपर लूट और आर्म्स एक्ट के कुछ मुकदमे दर्ज थे। पुलिस टीम की अगुवाई तत्कालीन एसओ विश्वनाथ यादव कर रहे थे। पुलिस ने शव परिवार को न सौंपकर उसका अंतिम संस्कार करा दिया था।
मृतक की मां गंगाजली ने सपा विधायक के इशारे पर पुलिस द्वारा साजिशन हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए कोर्ट की शरण ली थी। कोर्ट को दिए प्रार्थना पत्र में गंगाजली ने बताया है कि 27 जून 2014 को उनका पुत्र पदुम भार्गव मोहम्मदी में पेशी पर हाजिर होने के लिए दिल्ली से आया था। 29 जून 2014 को वह दिल्ली जाने की तैैयारी में था। तभी मैगलगंज पुलिस ने गांव में फर्जी मुठभेड़ दिखाकर पदुम भार्गव की लाइसेंसी असलहों से गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद पदुम के शव को गांव न लाकर बंभिया गांव में ही दफन करा दिया। पुलिस ने परिवार वालों को शव तक नहीं दिया था।
आरोप है कि सपा विधायक सुनील कुमार लाला और तत्कालीन एसओ विश्वनाथ यादव ने साजिश के तहत हत्या करा दी, जिसमें आरक्षी संजीव कुमार, अशर्फी, सरोज उर्फ मास्टर, सुरेंद्र, अनिल, कैप्टन, रामकरन, राजेंदर, जोद्धी, जमुना, गंगाराम, चंदर और रामनरेश शामिल हैं। मां के अनुसार जिस समय पुलिस ने एनकाउंटर दिखाया है, उस समय पदुम भार्गव गांव में ही अशोक पाल के घर के सामने दिल्ली वापस जाने के लिए खड़ा था।
कोर्ट ने तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर गंगाजली के प्रार्थना पत्र पर सपा विधायक, तत्कालीन एसओ समेत 15 लोगों पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया, जिस पर मैगलगंज पुलिस ने धारा 147, 148, 149, 302, 379 एवं एससीएसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। विवेचना सीओ मितौैली मिथिलेश दीक्षित को सौंपी गई है।
--
कोर्ट के आदेश पर मैैगलगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। एससीएसटी एक्ट शामिल होने की वजह से विवेचना मितौली सीओ को सौंपी गई है।
- अखिलेश चौरसिया, एसपी
--
मुकदमा दर्ज होने की जानकारी नहीं है। एनकाउंटर मामले से हमारा कोई वास्ता भी नहीं है। लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।
- सुनील कुमार लाला, विधायक, सपा