मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के सारंग के पास टैंकर से जीप की भिड़ंत के बाद जीप के खाईं में चले जाने से यह हादसा हुआ। इसकी सूचना सलोन पहुंची तो परिवार में रोना पीटना मच गया। परिवार के लोग राजगढ़ के लिए रवाना हो गए हैं।
सलोन कस्बे के रहने वाले उस्ताद राशिद खां का गत दिवस कोलकाता में निधन हो गया था। उनका शव शुक्रवार को सलोन लाया गया, जहां उनको अंतिम विदाई दी गई। उधर, राशिद खां के छोटे भाई अब्दुल हफीज खां का परिवार सलोन में मिट्टी देने के लिए मुंबई से आ रहा था।
मध्य प्रदेश के राजगढ़ के पास सारंग में टैंकर से जीप की भीषण टक्कर हो गई। टक्कर के बाद जीप खाई में चली गई, जिससे उसमें सवार सात लोगों की मौत हो गई।
परिवार के मो. अफसर ने बताया कि हादसे में उस्ताद के भतीजे एवं अब्दुल हफीज खां के बेटे महफूज (52) इनकी पत्नी अकबरी (48), दो बेटे जावेद (28), सोनू (26), साली हुसना बानो (30) एक आठ साल की लड़की व एक अन्य की मौत हो गई। वाहन चालक यूसुफ निवासी मुम्बई की भी मौके पर ही मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि हादसा मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के सारंग के पास हुआ है। यहां से परिवार के लोग रवाना हो गए हैं। घटना को लेकर परिवार के लोग ही नहीं, सलोन वासी भी गम में डूबे हुए हैं।
उस्ताद अब्दुल राशिद खां सुपुर्द-ए-खाक
सलोन। जिले के सलोन कस्बे के करीमगंज में जन्मे पद्मश्री से सम्मानित अब्दुल राशिद खां को शुक्रवार को अंतिम विदाई दी गई। ईदगाह स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
यहां पर उनके परिवारीजन के साथ काफी संख्या में क्षेत्र के लोग मौजूद रहे। गौरतलब है कि गुरुवार को कोलकाता में उस्ताद अब्दुल राशिद खां का निधन हो गया था। यह खबर सुनकर संगीत प्रेमियों, बुद्धिजीवियों में शोक की लहर दौड़ गई। वे 107 वर्ष के थे।
भारतीय शास्त्री गायन के क्षेत्र में उन्होंने कई मुकाम हासिल किए थे। कोलकाता से उनका शव जहाज से लखनऊ लाया गया। इसके बाद निजी वाहन से कस्बा स्थित आवास लाया गया। इस दौरान उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों का तांता लग गया। इसके बाद ईदगाह स्थित कब्रिस्तान में नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी गई।