पठान कोट एयरफोर्स बेस कैंप पर शनिवार को हुए आतंकी हमले के बाद हुए हाई अलर्ट के चलते ‘अमर उजाला’ ने सोमवार को शहर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की पड़ताल की तो कागजों पर सतर्कता बरतती मिली।
दीवानी कचहरी, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन समेत अन्य स्थानों पर कहीं पर पुलिस के जवान तैनात नहीं दिखे। लोग बेरोकटोक आते जाते दिखे।
रेलवे स्टेशन का मुख्य गेट, जहां पर यात्री बिना रोक-टोक आते जाते दिखे।
जीआरपी या फिर आरपीएफ का न तो कोई जवान मुस्तैद दिखा न ही कोई चेकिंग की जा
रही थी। रविवार को चेकिंग के नाम पर जीआरपी ने सिर्फ खानापूरी की।
दीवानी कचहरी के मुख्य गेट पर सुरक्षा के मद्देनजर कोई भी पुलिसकर्मी तैनात
नहीं दिखा। इससे लोग बेरोकटोक के आते-जाते रहे। यह हाल तब है, जब हर दिन
बड़ी संख्या में वादकारी कचहरी आते हैं।
वकील भी रहते हैं। कचहरी की
सुरक्षा के लिए चौकी स्थापित की गई है, लेकिन यहां की चौकी में तैनात कोई
पुलिस कर्मी मुख्य गेट पर मुस्तैद नहीं दिखा।
यह हाल तब है, जब रेलवे स्टेशन में प्रतिदिन 30 हजार और बस स्टेशन में 15 हजार यात्रियों का आना जाना रहता है। दीवानी कचहरी में प्रतिदिन पांच हजार वादकारियों का आना-जाना रहता है।
इसके अलावा करीब डेढ़ हजार वकील है। पर जिनके कंधों पर सुरक्षा की जिम्मे है, वह लापरवाही बरत रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा बरती जा रही लापरवाही बड़ी घटना का सबब बन सकती है।
अपर पुलिस अधीक्षक राममूरत यादव का कहना है कि पठानकोट में हुई आतंकी घटना के बाद सतर्कता बरती जा रही है। सीओ सदर और सदर कोतवाल को चेकिंग कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा देहात क्षेत्रों के थानेदारों को अलर्ट किया गया है। आतंकी घटना से निपटने के इंतजाम किए गए हैं। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।