बुधवार की सुबह घटना का पता चला तो इलाके में सनसनी फैल गई। करीब 15 दिन पहले आरोपी ने ही मारपीट कर मृतक के दोनों पैर तोड़ दिए थे, इसकी वजह से वह चल-फिर नहीं पा रहा था। सूचना पर एएसपी राम मूरत यादव ने सीओ सत्यपाल सिंह के साथ मौका मुआयना किया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
छजलापुर निवासी शिव शंकर तिवारी उर्फ कल्लू (40) तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। वह फेरी लगाकर कपड़े का व्यवसाय करता था। छोटे भाई लक्ष्मी शंकर और प्रेम शंकर तिवारी भी यही काम करते हैं। परिवारीजनों के मुताबिक प्रेम शंकर अपनी मां गंगा दुलारी के पास रखे एक लाख रुपये हथियाना चाहता था।
परिवार के लोग इसका विरोध करते थे। इसी को लेकर 15 दिन पहले प्रेम शंकर और कल्लू के बीच झगड़ा हुआ था। इसमें प्रेम शंकर ने कल्लू के दोनों पैर तोड़ दिए थे।
तब से वह चलने फिरने में लाचार था। पैरों में प्लास्टर चढ़ा था। घर के ही एक कमरे में तखत पर लेटा रहता था। मझले भाई लक्ष्मी शंकर के मुताबिक मंगलवार की रात आरोपी प्रेम शंकर घर आया। रुपयों को लेकर बड़े भाई के साथ जमकर कहासुनी और गालीगलौज की। फिर बांस की फंटी से मारपीट कर उसे घायल कर दिया।
सिर और पैरों समेत कई जगहों पर गंभीर चोटें आई। घर की महिलाओं की चीखपुकार पर आसपास के लोग पहुंचे तो आरोपी भाग गया। गंभीर रूप से घायल कल्लू की मौत हो गई।
बेटे को खोज रही थी गुमशुम बैठी वृद्धा की आंखें
भाई के हाथों शिव शंकर उर्फ कल्लू की हत्या के बाद जहां पूरा मोहल्ला सकते में आ गया है, वहीं घर में मातम छाया हुआ है। मृतक की 70 वर्षीय मां गंगा दुलारी घर में गुमशुम बैठी थी। ऐसा लग रहा था मानो उसकी बूढ़ी आंखें अपने लाल को ढूंढ़ रही हों। वहीं बहन शिवदुलारी और प्रेम कुमारी को उम्मीद ही नहीं थी कि नोटों की खातिर उनका छोटा भाई अपने बडे़ भाई की हत्या कर देगा।
रुपयों के लेनदेन को लेकर छोटे भाई प्रेम शंकर और बड़े भाई कल्लू के बीच झगड़ा हुआ था। इसमें छोटे भाई ने बड़े भाई को जमकर पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। मझले भाई लक्ष्मी शंकर की तहरीर पर केस दर्ज करके आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच की जा रही है। -राममूरत यादव, एएसपी
मिल एरिया पुलिस की उदासीनता से बढ़ा छोटे भाई का हौसला
छजलापुर के रहने वाले शिवशंकर उर्फ कल्लू की हत्या के लिए मिल एरिया पुलिस भी कम जिम्मेदार नहीं है। मृतक के भाई लक्ष्मी शंकर ने बताया कि 15 दिन पहले रुपयों को लेकर प्रेम शंकर ने घर में जमकर उत्पात मचाया था। बड़े भाई के साथ जमकर मारपीट की थी। उसके दोनों पैर तोड़ दिए थे। इसकी सूचना उसने थाने पर दी थी। आरोपी की तलाश में कई बार पुलिस ने घर पर छापा मारा, लेकिन वह नहीं मिला।
इलाके के लोगों का कहना है कि पुलिस हर बार शाम को छापेमारी करके चली जाती। इसके बाद पूरी रात आरोपी घर पर रहता था। खाता-पीता और सोता था, लेकिन पुलिस ने एक भी बार रात में दबिश नहीं दी। पुलिस मामले को हल्के में लेकर सिर्फ खानापूरी करती रही। यदि समय रहते पुलिस समय रहते तेजी दिखाती और मामले में सख्त कार्रवाई होती तो आरोपी बड़े भाई को दोबारा हाथ लगाने की हिम्मत भी न करता, लेकिन पुलिस शुरू से ही मामले में लीपापोती करती रही।
बेटी की शादी के लिए बेची थी जमीन
मृतक की मां गंगा दुलारी ने ढाई साल पहले अपनी बेटी प्रेम कुमारी की शादी की खातिर जमीन बेची थी। इससे मिले रुपयों के चार हिस्से लगे थे। तीन हिस्से कल्लू व उसके दोनों भाइयों और चौथा हिस्सा मां गंगा दुलारी का था। मृतक की बहन शिव कुमारी ने बताया कि एक-एक के हिस्से में डेढ़-ड़ेढ लाख रुपये आए थे। प्रेम शंकर शराब का आदी था। अपने हिस्से के रुपये खत्म करके मां के पास बचे रुपये भी हासिल करना चाहता था।
दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
मृतक के साथ पहले हुए मामले में पुलिस ने क्या कार्रवाई की। पुलिस को इसकी सूचना दी गई थी या नहीं। इसकी जांच कराई जाएगी। यदि मिल एरिया पुलिस की लापरवाही सामने आई तो दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
-हरिनारायण सिंह, पुलिस अधीक्षक