जगतपुर थाना क्षेत्र में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। हिस्ट्रीशीटर समेत समेत चार हमलावरों ने वारदात को अंजाम दिया। यही नहीं मर्डर के बाद उसके शव को गायब करने की कोशिश भी की।
वारदात के पीछे रंजिश और वर्चस्व की बात सामने आ रही है। सूचना पर एसपी मोहित गुप्ता घटनास्थल का जायजा लिया और आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए।
गांव में तनाव के मद्देनजर जगतपुर, डीह, मिल एरिया समेत कई थानों की फोर्स के अलावा एक प्लाटून पीएसी तैनात कर दी गई है। घटना में चार लोग नामजद और तीन अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
जगतपुर थाना क्षेत्र के टीकर अगाचीपुर गांव निवासी एवं कोटेदार नरेंद्र सिंह का बेटा अखिलेश सिंह उर्फ पिंटू सिंह (35) किसानी करता था। बताते हैं कि गांव का ही नागेंद्र सिंह सीएचसी जगतपुर में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पद पर तैनात है।
उसने शाम को अखिलेश को फोन किया कि उसकी वैन सीएचसी में लग गई है। इसलिए वैन लेकर सीएचची चले आओ। इस पर वैन लेकर अखिलेश सीएचसी जा रहा था।
भीखा का पुरवा गांव के पास हमलावरों ने सड़क पर ट्रैक्टर लगाकर अखिलेश को रोक लिया। जैसे ही अखिलेश वैन रोककर नीचे उतरा, वैसे ही हमलावरों ने उस पर हमला बोल दिया। फंटी से पीट-पीटकर उसे मार डाला।
कोटेदार के बेटे की हत्या के बाद हमलावरों ने शव को उसकी ही वैन पर रख लिया। वैन लेकर शव ठिकाने लगाने जा रहे थे। जिस समय हमलावर घटना को अंजाम दिया, उसी समय एक ट्रक जा रहा था।
इसी बीच चालक ने 100 नंबर पर घटना की सूचना दे दी थी। इस पर एसओ कमलेश पांडेय फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस के पहुंचने पर हमलावर वैन समेत शव छोड़कर फरार हो गए।
एसओ कमलेश पांडेय ने बताया कि रंजिश में हत्या की गई है। मृतक के परिवार और आरोपियों के बीच वर्चस्व को लेकर खींचतान थी। साथ ही घूर की जमीन को लेकर विवाद होने की बात सामने आई है।
मृतक के पिता की तहरीर पर टीकर अगाचीपुर गांव निवासी दल बहादुर सिंह, उसके बेटे रघुराज प्रताप सिंह, भतीजे गजेंद्र सिंह और गदागंज थाना क्षेत्र के पंपापुर निवासी अनुज सिंह और तीन अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
इसमें दल बहादुर सिंह गदागंज थाने का हिस्ट्रीशीटर है। हत्या आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने घटना की पूछताछ के लिए सीएचसी में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी समेत चार लोगों को हिरासत भी लिया है।