सदर कोतवाली क्षेत्र में रविवार को बेशकीमती भूमि पर कब्जे को लेकर दो पक्षों में टकराव हो गया। इस दौरान जमकर हंगामा हुआ। गालीगलौज के साथ एक दूसरे को देख लेने की धमकी दी गई। पुलिस से भी तीखी नोकझोंक हुई।
यही नहीं टकराव के चलते लखनऊ-इलाहाबाद राजमार्ग पर जाम लग गया। इससे वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगने से आवागमन ठप हो गया।
यह विवाद उस समय हुआ, जब एक पक्ष निर्माण कार्य करा रहा था। पुलिस ने दोनों पक्षों को अपने-अपने दस्तावेज लेकर सदर कोतवाली में तलब किया है। साथ ही निर्माण कार्य को रुकवा दिया।
लखनऊ-इलाहाबाद राजमार्ग पर सिविल लाइंस के किनारे खाली पड़ी करीब पांच बिस्वा भूमि को लेकर तीन पक्षों में विवाद चल रहा है। सभी लोग एक ही भूमि को अपनी बता रहे थे।
रविवार को एक पक्ष का गणेश नगर निवासी अधिवक्ता लालेंद्र श्रीवास्तव इस भूमि पर बाउंड्री बनवा रहा था। इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोग मौके पर पहुंच गए।
कब्जे को लेकर दोनों पक्षों में देखते ही देखते टकराव हो गया। हंगामा होने लगा। यही नहीं गालीगलौज करने के साथ एक दूसरे को धमकी दी जानी लगी। हंगामे के चलते हाईवे पर जाम लग गया।
दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग गई। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया चाहा तो पुलिस से भी तीखी नोकझोंक हुई। बवाल बढ़ता देख पुलिस ने निर्माण कार्य रुकवा दिया।
कोतवाल लक्ष्मीकांत मिश्र ने बताया कि एक ही भूमि को लेकर मेवालाल सोनकर, महेंद्र प्रताप और अधिवक्ता लालेंद्र श्रीवास्तव के बीच विवाद चल रहा है।
इसी दौरान एक पक्ष से अधिवक्ता विवादित भूमि पर बाउंड्री बनवाने लगे। जिसका दूसरे पक्षों ने विरोध किया। विवाद को सुलझाने के लिए फिलहाल काम रुकवाकर सभी पक्षकारों को अपने-अपने दस्तावेज लेकर कोतवाली बुलाया गया है। भूमि किसकी है, इसका राजस्व विभाग से पता लगाया जाएगा।