नसीराबाद थाना क्षेत्र में शनिवार को स्टेयरिंग फेल होने से तेज रफ्तार मिनी बस पलट गई। इससे उस पर सवार 11 यात्री हो गए। सभी घायलों को सीएचसी नसीराबाद ले जाया गया, जहां दो महिलाओं की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
सीएचसी में लोगों का इलाज किस तरह किया जाता है, यह मनमानी खुलकर सामने आ गई। किसी घायल का इलाज दवा काउंटर तो किसी का फर्श पर लेटाकर किया गया।
प्रतापगढ़ जिले के उदयपुर से एक मिनी बस सवारियों को बैठाकर रायबरेली की ओर आ रही थी। नसीराबाद के उदयपुर गांव के पास बस की स्टेयरिंग फेल होने से वह सड़क पर पलट गई।
इससे उसमें सवार धर्मा देवी, बेटी संजू, बेटा जीतलाल निवासी राजापुर, शिवपती निवासी कपूरपुर, निर्मला, सुंदारा निवासी परशदेपुर, अंकुर तिवारी, कंचन निवासी भौंरी थाना उदयपुर, लीलावती, राजकुमारी निवासी बेवल के अलावा चालक नागेंद्र सिंह निवासी उदयपुर घायल हो गए।
सभी को नसीराबाद सीएचसी ले जाया गया। शिवपती और राजकुमारी की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल भेजा गया। सीएचसी में संदारा का दवा काउंटर पर लेटाकर इलाज किया गया तो धर्मा देवी और उसके बच्चों का फर्श पर इलाज हुआ। इससे लोगों में नाराजगी रही।
एसओ लक्ष्मीकांत मिश्रा ने बताया कि घायलों का इलाज सीएचसी में कराया गया है। सभी की हालत ठीक है।