घंटाघर चौराहे पर नगर पालिका के प्रथम चेयरमैन राय साहब मुंशी जानकी प्रसाद की नामपट्टिका तोड़े जाने को लेकर शुक्रवार को वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा।
दीवानी कचहरी में कार्य बहिष्कार कर हड़ताल पर चले गए, वहीं आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं करने पर कोतवाली का घेराव कर दिया।
इस दौरान सेंट्रल बार एसोसिएशन अध्यक्ष रमेश कुमार चतुर्वेदी और कोतवाल पन्नेलाल यादव से जमकर नोकझोंक हुई। करीब तीन घंटे तक चले हंगामे के बाद एसपी के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ।
सुबह सेंट्रल बार की दीवानी कचहरी में कार्यकारिणी की बैठक हुई। सर्वसम्मति से सभी ने नामकरण पट्टिका तोड़े जाने की निंदा करते हुए हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया।
वहीं एसोसिएशन की ओर से एफआईआर दर्ज कराने गए वकीलों के खाली हाथ लौटने पर अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। देखते ही देखते वकीलों का हुजूम कोतवाली पहुंच गया।
कोतवाल पर नामपट्टिका तोड़ने के आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का दबाव बनाया। कोतवाल के आनाकानी पर बार अध्यक्ष की अगुवाई में सभी लोग धरने पर बैठ गए।
सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ सिटी और कोतवाल के खिलाफ नारेबाजी शुरू की। इसकी भनक जैसे-जैसे दीवानी के वकीलों को लगती गई, भीड़ बढ़ने लगी।
मामला गंभीर होता देख एसपी मोहित गुप्ता ने सीओ सिटी सत्यपाल सिंह को मौके पर भेजा। वकीलों का आक्रोश देख सीओ सिटी ने तत्काल रिपोर्ट दर्ज करने को कहा। इसके बाद अधिवक्ता शांत हुए।
इस मौके पर महामंत्री रामसजीवन चौधरी, पूर्व अध्यक्ष ओपी यादव, राकेश सिंह राना, हरिश्चंद्र शर्मा, सुरेंद्र भदौरिया, सुनील सिंह, अनंत कुमार मिश्र, अकबर अली, आशीष पांडेय, जेपी श्रीवास्तव, घनश्याम निर्मल मौजूद रहे।