रायबरेली। लखनऊ-प्रतापगढ़ रेलखंड पर जायस और बनी रेलवे स्टेशनों के बीच शनिवार तड़के चार घंटे का ट्रैफिक ब्लॉक लेने से ट्रेनें ठहर गईं।
सुबह 6 बजे के बाद जब रेल मार्ग बहाल हुआ तो ट्रेनों ने रफ्तार पकड़ने में पूरा दिन लगा दिया। इससे कई ट्रेनें आसपास के स्टेशनों पर रोकी गई या फिर डायवर्ट की गईं, जिससे यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
लेटलतीफी के कारण रायबरेली और जायस स्टेशन पर यात्रियों ने हंगामा भी किया। हालांकि अफसरों ने समझा-बुझाकर किसी तरह उन्हें शांत करा दिया।
जायस और बनी स्टेशन के बीच ट्रैक की गिट्टियों को दुरुस्त कराने के लिए रात 2 बजे से सुबह 6 बजे तक ट्रैफिक ब्लॉक लिया गया।
नतीजतन इस अवधि में रेल मार्ग पूरी तरह बाधित रहा। इस वजह से गाड़ी संख्या 14308 बरेली-प्रयाग पैसेंजर और गाड़ी संख्या 14307 प्रयाग-बरेली पैसेंजर को दूसरे रास्तों से होकर चलाया गया।
ट्रैफिक बहाल हुआ तो जायस स्टेशन पर करीब 35 मिनट खड़ी रही गाड़ी संख्या 14258 काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस को सुबह 6.15 बजे निकाला गया। नई दिल्ली से वाराणसी जाने वाली यह गाड़ी पहले से ही करीब छह घंटे की देरी से चल रही थी।
प्रतापगढ़ से कानपुर जाने वाली गाड़ी संख्या 14123 इंटरसिटी एक्सप्रेस आधे घंटे की देरी से चलाई गई, जिसे गौरीगंज में भी करीब पौन घंटे तक रोके रखा गया।
यह गाड़ी सवा दो घंटे की देरी से रायबरेली पहुंची। रायबरेली से जौनपुर जाने वाली गाड़ी संख्या 14202 इंटरसिटी करीब एक घंटे की देरी से छोड़ी गई।
इसी तरह गाड़ी संख्या 22408 गरीब रथ, गाड़ी संख्या 12183 भोपाल-प्रतापगढ़ सुपरफास्ट, गाड़ी संख्या 14266 जनता एक्सप्रेस, गाड़ी संख्या 14208 पद्मावत एक्सप्रेस, 13429 मालदा टाउन-आनंद विहार एक्सप्रेस भी रोक कर चलाई गईं। लखनऊ-प्रतापगढ़ पैसेंजर रायबरेली में पौन घंटे तक रोकी गई।
सर्द मौसम में ट्रेनों की लेटलतीफी भी बढ़ी
ट्रैफिक ब्लॉक ही नहीं, सर्द मौसम और कोहरे की वजह से भी लंबी दूरी की गाड़ियां विलंब से चल रही हैं। यही वजह रही कि शनिवार को गाड़ी संख्या 14116 हरिद्वार-इलाहाबाद एक्सप्रेस साढ़े सात घंटे, गाड़ी संख्या 14204 इंटरसिटी एक्सप्रेस ढाई घंटे, गाड़ी संख्या 54256 पैसेंजर साढ़े तीन घंटे, गाड़ी संख्या 12875 नीलांचल एक्सप्रेस सवा घंटे की देरी से यहां पहुंची। इससे यात्रियों को ट्रेनों के इंतजार में स्टेशन पर बैठना पड़ा।
ट्रैक पर सुधार कार्य के चलते अक्सर ऐसे समय में ट्रैफिक ब्लॉक लिया जाता है, जिस समय ट्रेनों का आवागमन अधिक नहीं रहता है। ट्रेनों के रोके जाने के कारण यात्रियों के हंगामा करने की कोई जानकारी नहीं है। लंबी दूरी की गाड़ियां पिछले स्टेशनों से ही लेट हो रही हैं।
-राकेश कुमार, स्टेशन अधीक्षक