बेटी की डोली से पहले उठी पिता की अर्थी
- अचानक बिगड़ी हालत और किसान की हो गई की मौत
- भाई ने कहा, इतने अरमानों ने की तैयारी, भतीजी की होगी शादी
अमर उजाला ब्यूरो
तिलोई (रायबरेली)। बेटी की शादी के दिन ही पिता की अर्थी उठ जाए, यह किसी ने सोचा नहीं था। जहां पर हंसी खुशी का माहौल था, वहां हर आंखों में आंसू थे। दुल्हन बनने जा रही बेटी बार-बार रो पड़ती है। बेटी की बारात गांव पहुंचने से पहले ही पिता की अर्थी उठ गई। अचानक उसकी हालत बिगड़ी थी। परिवारीजनों ने आनन-फानन शव का अंतिम संस्कार कर दिया। भाई का कहना है कि भाई की मौत जरूर हुई है, लेकिन भतीजी की शादी कराई जाएगी। बारात वापस नहीं की जाएगी।
कस्बा तिलोई में जगजीवन रैदास (44) की बेटी अंजू (20) की शादी रमेश कुमार पुत्र किशुन लाल ग्राम मौलवी कला तामामऊ से तय हुई है। गुरुवार को बारात आनी थी। घर पर शादी की तैयारियां जोरों से चल रही थी। कई दिनों से बुखार से पीड़ित लड़की के पिता जगजीवन लाल की बृहस्पतिवार सुबह तबियत अचानक बिगड़ गई। उन्हें प्राइवेट नर्सिंग होम में दिखाकर दवा आदि ली गई, लेकिन बीपी हाई तथा बुखार से पीड़ित जगजीवन को घर ले जाकर लिटकर अन्य लोग कामकाज ओर शादी की तैयारी के कार्यक्रम में जुट गए। लगभग 8:30 बजे अचानक तबियत बिगड़ती देख परिवारीजन फिर सरकारी अस्पताल ले जा रहे थे कि रास्ते में अचानक उसकी मृत्यु हो गई। एक ओर जहां खुशियां थी, वहीं किसान जगजीवन रैदास की मौत से परिवारीजनों में कोहराम मच गया। शादी की तैयारियां थम गई। सन्नाटा पसर गया। बताते चले जगजीवन के दो पुत्री थी, जिसमें एक पुत्री का विवाह हो चुका था। दूसरी पुत्री का आज ब्याह था और दो बेटे अरविंद कुमार, मनीष कुमार हैं। पत्नी भगवानदेई के आंसू नहीं थम रहे हैं। मृतक के भाई जीवनलाल गौतम का कहना है कि जगजीवन की मौत हुई है, लेकिन भाई ने इतने अरमान से सारी तैयारी की। इसलिए बारात आएगी और अंजू की शादी होगी।