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पा के पूर्व विधायक के घर के पीछे चल रहा था शराब का कालोबार

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रायबरेली। मिल एरिया पुलिस और आबकारी विभाग की टीम की ओर से बुधवार रात पकड़ी गई पंजाब में बनी शराब को लोकसभा चुनाव में खपाने की तैयारी थी।
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फिलहाल जांच में यही बात निकलकर सामने आ रही है। सपा के पूर्व विधायक रामलाल अकेला के आवास के पीछे एक मकान में शराब का काला कारोबार चल रहा था।


पुलिस ने गुरुवार को इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने भारी मात्रा में एक ब्रांड के रैपर भी बरामद किए हैं।


एसटीएफ के निरीक्षक निर्मल गौतम ने एसपी सुनील कुमार सिंह को सूचना दी थी कि लखनऊ-इलाहाबाद राजमार्ग पर पूर्व विधायक के घर के पीछे छजलापुर मोहल्ले के एक मकान में शराब का अवैध कारोबार हो रहा है।


सूचना पर एसपी ने सीओ सदर गोपीनाथ सोनी, मिल एरिया एसओ राकेश यादव, सदर कोतवाल अतुल सिंह के साथ छापा मारा।


जिला आबकारी अधिकारी राजेश्वर मौर्य, आबकारी निरीक्षक सदर पुष्पेंद्र मिश्रा, कीर्ति प्रकाश पांडेय भी पहुंचे। छापे के दौरान 2880 अवैध बोतल शराब, 20 हजार 181 रैपर, 5961 पुरानी बोतलों के ढक्कन, 6120 नए बोतल के ढक्कन आदि सामान बरामद हुआ।
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बरामद रैपरों पर एक ब्रांड का नाम लिखा था। एसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि यह जहरीली शराब थी। बरामद शराब की कीमत दो लाख रुपये बताई जा रही है।


एसपी ने बताया कि छापे के दौरान मिल एरिया थाना क्षेत्र के अमावां निवासी मनीष जायसवाल, अनुराग सिंह, पूरे मंगली मिश्र निवासी शैलेंद्र पांडेय, अमावां निवासी दीपक गिरि, पिंकू गिरि, पूरे शहादत मजरे सिधौना निवासी संजय कुमार और महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के बैखरा निवासी जितेंद्र कुमार, बाराबंकी जिले के हैदरगढ़ थाना क्षेत्र के त्रिवेदीगंज निवासी शुभम जायसवाल को पकड़ा गया।


उन्होंने बताया कि बरामद शराब पंजाब में अवैध तरीके से तैयार की जाती थी। ये लोग तस्करी कर शराब यहां लाते थे फिर उसे बेचते थे। चुनाव में शराब बांटने की भी तैयारी थी। एक वाहन भी पुलिस ने बरामद किया है।


ठेका नहीं मिला तो करने लगा अवैध कारोबार
एसपी के मुताबिक पकड़ा गया आरोपी मनीष जायसवाल गिरोह का मुखिया है। दस साल तक उसने सरकारी ठेका चलाया था। ठेका न मिलने के बाद उसने अवैध शराब का कारोबार कर लिया।

इसमें उसके भाई नन्हू जायसवाल के भी शामिल होने की बात सामने आई है। एसपी का कहना है कि ये लोग पंजाब के अलावा हरियाणा, मध्य प्रदेश से शराब लाकर यहां पर बेचते थे। यहां पर लाकर अवैध शराब की बिक्री करते थे। नन्हू जायसवाल की गिरफ्तारी के लिए प्रयास चल रहा है।
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मकान के बदले दे रहे थे 30 हजार रुपये
जिस मकान में शराब का कारोबार चल रहा था, वह मकान आईटीआई की रहने वाली गेंदा देवी के नाम है। धंधेबाज मकान मालिक को 30 हजार रुपये किराए के रूप में दे रहे थे। एसपी का कहना है कि मकान सही रूप से किसका है, इस बारे में जांच चल रही है। वहीं कहा जा रहा है कि यह मकान एक नेता ने नजूल की जमीन पर कब्जे कर बनवा लिया है।
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