रायबरेली। जिला कारागार में रविवार को एक बंदी ने खुदकुशी का प्रयास किया। उसे फंदे पर लटकते देख साथी बंदी दौड़कर मौके पर पहुंचे और उसे बचाया।
घटना की जानकारी से जेल अफसरों में हड़कंप मच गया। कहा जा रहा है कि जेल अफसरों की प्रताड़ना की वजह से बंदी ने जान देने का प्रयास किया था। आए दिन जेल में हो रही इस तरह की घटनाओं से जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जेल के बैरक नंबर छह में बंद जगदीश ने रस्सी के सहारे शौचालय से फांसी लगा लगी। उसे फांसी लगाते देख साथी बंदियों में हड़कंप मच गया।
साथी बंदी पहुंचे और जगदीश को नीचे उतारा। जानकारी पर जेल के अफसर भी मौके पर पहुंचे। जेल सूत्र बता रहे हैं कि अफसरों की प्रताड़ना की वजह से जगदीश ने यह कदम उठाया।
इसी हफ्ते जेल में बंद बंदी जग्गा ने भी खुदकुशी का प्रयास किया था, लेकिन उसे बचा लिया गया था। जेल अफसरों ने घटना पर पर्दा डाल दिया।
उधर, जेलर जीआर वर्मा ने बताया कि बंदी जगदीश पहले बैरक नंबर तीन में बंद था। उसे बैरक नंबर छह में कर दिया गया था। बैरक नंबर तीन में जाने के लिए उसने फांसी लगाने की चेतावनी दी थी।
इस पर उसे बैरक नंबर छह से हटाकर बैरक नंबर तीन में भेज दिया गया। उसने फांसी नहीं लगाई थी। बंदियों का कोई उत्पीड़न नहीं किया जाता है।