फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नकल के लिए लगाई अकल, पर सिग्नल लाइट ने दे दिया धोखा, धरी रह गई होशियारी, पकड़ी गई छात्रा

विज्ञापन
छात्रा के पास से पकड़ी गई डिवाइस। - फोटो : RAIBARAILY
विज्ञापन
रायबरेली। टीजीटी परीक्षा के दौरान एक छात्रा नकल करते पकड़ी गई। अभ्यर्थी ने मास्क में सिम और डिवाइस लगाने के साथ ही कान के अंदर भी छोटे-छोटे उपकरण लगा रखे थे, ताकि आसानी से नकल कर सके। परीक्षा खत्म होने से कुछ मिनट पहले ही मामला खुल गया। इससे हड़कंप मच गया। अभ्यर्थी के सॉल्वर गैंग से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। मामला राजकीय बालिका इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र का है।
विज्ञापन

इस केंद्र पर दूसरी पाली की परीक्षा के दौरान छात्रा सीमा को नकल करते पकड़ा गया। इस केंद्र पर दूसरी पाली की परीक्षा खत्म होने वाली थी, तभी कक्ष निरीक्षक को एक अभ्यर्थी के कान के पास सिग्नल की छोटी लाइट चमकती नजर आई। शक होने पर कक्ष निरीक्षक ने मास्क हटवाया तो डिवाइस लगा मिला।
अभ्यर्थी ने डबल मास्क लगा रखा था, जिसके बीच में सिम के साथ डिवाइस लगी पाई गई। दोनों कान के भीतर भी चुंबकीय डिवाइस लगी मिली, जिसे डॉक्टर की मदद से बाहर निकलवाया गया।
विज्ञापन

मामले की जानकारी होते ही पुलिस पहुंची और महिला अभ्यर्थी को पकड़ लिया। पुलिस ने बताया कि पकड़ी गई अभ्यर्थी ऊंचाहार क्षेत्र के कंदरावां की रहने वाली सीमा है। वह अपने बहनोई राकेश सिंह यादव के साथ परीक्षा देने आई थी। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। एसपी ने बताया कि छात्रा सीमा व उसके बहनोई राकेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
जिला विद्यालय निरीक्षक ओमकार राणा का कहना है कि जीजीआईसी में दूसरी पाली की परीक्षा के दौरान महिला अभ्यर्थी को पकड़ा गया, जिसने डबल मास्क के अंदर डिवाइस लगा रखा था।
कान के परदे से सटाकर लगाई चुंबकीय डिवाइस
जिला चिकित्सालय के नाक, कान, गला विशेषज्ञ डॉ. शिव कुमार का कहना है कि अभ्यर्थी के पकड़े जाने पर उन्हें बुलाया गया था। अभ्यर्थी के कान के अंदर परीक्षण किया गया तो दोनों कान के परदे से सटाकर चुंबकीय डिवाइस लगा रखी थी। डिवाइस काफी छोटी थी।
सॉल्वर गैंग से जुड़ा दिखता है मामला
दूसरी पाली की परीक्षा में एक अभ्यर्थी नकल करते हुए पकड़ी गई। वह अपने बहनोई राकेश सिंह यादव के साथ परीक्षा देने आई थी। इस अभ्यर्थी ने डबल मास्क के बीच सिम और डिवाइस लगा रखा था। कान के अंदर भी बहुत छोटे उपकरण लगा रखे थे, जिसे डॉक्टर की मदद से बाहर निकाला गया। अभ्यर्थी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मामला किसी सॉल्वर गैंग से भी जुड़ा नजर आता है।
विज्ञापन

-श्लोक कुमार, एसपी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें