रायबरेली। अमेठी जिले के पुलिस महकमे के वायरलेस विभाग में तैनात दरोगा धर्मेंद्र कुमार गौतम की हत्या में शामिल प्रधान पति समेत दो आरोपियों को मंगलवार को जेल भेज दिया गया। पुलिस के खुलासे पर यकीन करे तो प्रधान पति समेत अन्य आरोपी मृतक की जमीन से आने जाने के लिए रास्ता मांग रहे थे।
रास्ता न देने पर उसका कत्ल कर दिया था। इस मामले में पहले ही एक आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका था। वहीं चौथा आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है। इस मामले की विवेचना सीओ महराजगंज राघवेंद्र चतुर्वेदी कर रहे थे। उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले में कार्रवाई की गई।
पुलिस कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपर पुलिस अधीक्षक नित्यानंद राय ने बताया कि हरचंदपुुर थाना क्षेत्र के मझिगवां करन गांव के रहने वाले दरोगा धर्मेंद्र कुमार गौतम की 20 अगस्त 2018 में हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच सीओ महराजगंज कर रहे थे। दरोगा की लखनऊ-रायबरेली रोड पर जमीन पर है।
दरोगा की जमीन के पीछे आरोपी सोनू यादव की भूमि थी। प्रधान पति समेत अन्य लोग दरोगा की जमीन से रास्ता मांग रहे थे। दरोगा ऐसा करने के लिए तैयार नहीं था। इसी वजह से इन सबने मिलकर दरोगा की लाठी-डंडे और कुल्हाड़ी से वार करके हत्या कर दी थी। इस मामले में मझिगवां करन गांव के प्रधान पति विजय यादव और बबलू चौरसिया उर्फ अंजनी को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया है।
इन दोनों की गिरफ्तारी पर 15-15 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया गया था। उन्होंने बताया कि आरोपी सोनू यादव को पहले ही इस मामले में पकड़कर जेल भेजा जा चुका था। वहीं चौथे आरोपी रामकुमार यादव निवासी देवानंदपुर थाना मिल एरिया की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किया जा रहा है।