रायबरेली। लॉकडाउन के दौरान दूसरे प्रांतों से आए 3586 प्रवासी श्रमिक ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। आपूर्ति विभाग की टीमें इन प्रवासियों को ढूंढ रही हैं, लेकिन वे नहीं मिल रहे हैं। इन गरीबों को कोटे की दुकानों के माध्यम से राशन देना है, लेकिन इनका पता न लग पाने के कारण विभाग को राशन मुहैया कराने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
विभिन्न प्रांतों से आए 30377 प्रवासी श्रमिकों की सूची जिले को देकर सभी को अस्थायी राशनकार्ड जारी करने के आदेश दिए थे। पहले से पात्र ग्रहस्थी व अंत्योदय कार्डों की सूची में शामिल होने की आशंका पर विभाग ने जांच कराई तो 12104 प्रवासी ऐसे मिले जिन्हें राशनकार्ड जारी किया जा सकता है।
3586 प्रवासी श्रमिक ऐसे मिले जो गांव में रहते ही नहीं। गांव वाले उनके बारे में कोई जानकारी भी नहीं दे सके। आपूर्ति विभाग की प्रवासी श्रमिकों को ढूंढ रहे हैं। हालांकि वे मिल नहीं रहे हैं।
किस ब्लॉक के कितने प्रवासी श्रमिक लापता
ब्लॉक अमावां में 155, हरचंदपुर में 225, सतांव में 324, राही में 370, डलमऊ में 43, गौरा में 81, ऊंचाहार में 687, रोहनियां में 182, जगतपुर मेें 352, महराजगंज में 66, बछरावां में 40, शिवगढ़ में 20, लालगंज में 54, खीरों में 32, सरेनी में 43, सलोन में 387, डीह में 302 और छतोह ब्लॉक में 223 प्रवासी श्रमिक विभाग को ढूंढे नहीं मिल रहे हैं।
जिले में आए 3586 प्रवासियों को ट्रेस कराया जा रहा है। उन लोगों के अस्थायी राशनकार्ड जारी होने हैं। ब्लॉकों की टीमों को लगाया गया है। जैसे ही वे मिल जाएंगे उन्हें राशनकार्ड जारी करा दिया जाएगा।
-केएन सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी