रायबरेली। सराय एक्ट के तहत सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में प्रतिष्ठानों का बिना पंजीयन कराए संचालित करने पर 150 से अधिक होटलों, ढाबों, लॉज, लॉन के संचालकों पर शिकंजा कसा गया है। सभी को पांच जनवरी तक पंजीयन कराने के आदेश दिए गए हैं। ऐसा न करने पर अभियान चलाकर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होगी।
सराय एक्ट के तहत जिले में संचालित सभी होटलों, ढाबों, लॉज, लॉन को सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में पंजीयन कराना अनिवार्य है। स्थिति यह है कि मात्र 38 प्रतिष्ठानों के संचालकों ने ही अब तक सिटी मजिस्ट्रेट न्यायालय में पंजीयन कराया है। इसमें कई प्रतिष्ठानों का नवीनीकरण होना है। साथ ही 150 से अधिक होटल, ढाबा, लॉज, लॉन के संचालकों ने पंजीयन नहीं कराया है।
सिटी मजिस्ट्रेट राम अवतार ने बताया कि सराय एक्ट के तहत सभी होटलों, ढाबों, लॉज, लॉन का पंजीयन होना चाहिए, लेकिन अब तक 38 प्रतिष्ठानों के संचालकों ने पंजीयन कराया गया है। सभी को एक मौका दिया गया है। पांच जनवरी तक पंजीयन करा सकते हैं। इसके बाद अभियान चलाकर कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।