रायबरेली। मशहूर शायर मुनव्वर राना के बेेटे तबरेज राना का पुलिस अब तक सुराग नहीं लगा सकी है। इस बीच तबरेज के अधिवक्ता ने सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण का प्रार्थना पत्र डाला है।
इस पर मंगलवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन आरोपी के न होने से सुनवाई टल गई। अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए अब आठ जुलाई की तारीख तय की है। उधर, पुलिस बराबर तबरेज की तलाश में छापा मार रही है। वहीं कोतवाली पुलिस ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में तबरेज की गिरफ्तारी का वारंट जारी करने का प्रार्थना पत्र दिया है।
28 जून को मुनव्वर राना के बेटे तबरेज राना पर त्रिपुला स्थित पेट्रोल पंप हमला हो गया था। पुलिस ने खुलासा किया था कि तबरेज ने अपने चाचाओं को फंसाने के लिए अपने साथियों के साथ मिलकर खुद पर फर्जी हमला कराया था।
तभी से पुलिस तबरेज को तलाश रही है लेकिन अब तक उसका पता नहीं चल सका है। अब तबरेज के अधिवक्ता ने सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण का प्रार्थना पत्र डाला है।
माना जा रहा है कि पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण ही तबरेज के अधिवक्ता ने सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण का प्रार्थना पत्र डाला। आरोपी के हाजिर न रहने पर कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख आठ जुलाई तय कर दी है। मामले में चार आरोपी पहले ही जेल जा चुके हैं।
सीबीआई की छापामारी को लेकर अफसरों और ठेकेदारों में बेचैनी
रायबरेली। लखनऊ के गोमती नगर रिवर फ्रंट में हुए घोटाले के बाद सीबीआई ने प्रदेश के कई स्थानों पर छापा मारा। इस लेकर जिले में भी सिंचाई विभाग के अधिकारियों और ठेकेदारों में बेचैनी है। मिल एरिया थाना क्षेत्र के दो घरों में छापा की चर्चा है।
लेकिन पुलिस और न ही सिंचाई विभाग के अधिकारी इसकी पुष्टि कर रहे हैं। मंगलवार को भी सीबीआई की छापामारी को लेकर दिनभर चर्चा रही, जिससे अधिकारियों और ठेकेदारों में बेचैनी रही। सिंचाई विभाग खंड दक्षिणी के अधिशासी अभियंता हेमंत कुमार वर्मा ने बताया कि सीबीआई टीम आने की चर्चा तो रही है, लेकिन जिस मामले को लेकर टीम छापामारी कर रही है, उससे यहां के अधिकारियों व कर्मचारियों का कोई लेना-देना नहीं है। पूरा प्रकरण लखनऊ का है। उधर, एसपी श्लोक कुमार का कहना है कि हर स्तर पर पता लगाया गया, लेकिन कहीं से भी सीबीआई टीम के आने की सूचना नहीं है।