बछरावां (रायबरेली)। एसएसबी जवान दुर्गेश कुमार के माता-पिता से बुधवार रात बाइक सवार बदमाशों ने तमंचे के बल पर 5.35 लाख की लूट की। इसमें 35 हजार की नकदी और करीब पांच लाख कीमत के जेवरात शामिल हैं। एसपी रवि कुमार ने मौके पर पहुंंचकर घटना की जांच की। मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। वारदात से लोगों में आक्रोश है।
दूलमपुर मजरे कुंदनगंज गांव निवासी संतराम अपनी पत्नी शंभू देवी और पांच वर्षीय पोता ध्रुव के साथ बुधवार रात सात बजे महराजगंज इलाके के घुरौना गांव बाइक से निमंत्रण में जा रहे थे। करनपुर गांव के पास पहुंचे ही थे कि बाइक सवार दो बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। दंपती ने विरोध किया तो बदमाशों ने कनपटी पर तमंचा लगा दिया। इसके बाद बदमाशों ने संतराम की पत्नी की चेन समेत पांच लाख के जेवर उतरवा लिए। 35 हजार रुपये की नकदी छीन ली। शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी।
इससे पहले कि शोरगुल पर आसपास के लोग पहुंचते, बदमाश अंधेरे का फायदा उठाते हुए बाइक से भाग निकले। पीडि़ता शिक्षामित्र शंभू देवी के मुताबिक सूचना के बाद भी करीब एक घंटे बाद बछरावां कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। उनका बेटा दुर्गेश एसएसबी जवान है। इस समय उसकी तैनाती बहराइच में है। एसपी समेत अन्य पुलिस अफसरों ने मौके पर पहुंचकर दंपती के बयान दर्ज किए।
सीओ प्रदीप कुमार ने बताया कि मामले में पीड़ित संतराम की तहरीर पर लूट की एफआईआर दर्ज की गई है। एसओजी समेत चार पुलिस टीमें खुलासे के लिए लगाई गई हैं। जल्द लूट की वारदात का पर्दाफाश किया जाएगा।
लूट के बाद पुलिस ने दिखाई तेजी
लूट की वारदात के बाद पुलिस की तेजी दिखी। बुधवार देर रात से बृहस्पतिवार को भी पुलिस कुंदनगंज से बछरावां कस्बे तक लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगालती रही। बदमाशों के बारे में पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा। लूट की घटना से क्षेत्रीय लोगों में पुलिस की कार्यशैली से नाराजगी है।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि सूचना के बाद यदि पुलिस तेजी दिखाती तो शायद बदमाश पकड़े जाते। शंभू देवी के साथ हुई घटना पर आदर्श शिक्षामित्र संगठन के बछरावां ब्लॉक अध्यक्ष पवन शुक्ला आदि ने नाराजगी जताई है। ब्लॉक अध्यक्ष का कहना है कि शंभू देवी हरचंदपुर ब्लॉक के दुलमपुर प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र के पद पर तैनात हैं। 10 दिनों के अंदर अगर पुलिस ने वारदात का खुलासा नहीं किया तो शिक्षक संगठन के साथ जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करेंगे।
पोते को मार न दें गोली, इसलिए दे दिए जेवरात
शंभू देवी बताती हैं कि उनके साथ पांच वर्षीय पोता ध्रुव था। बदमाश बार-बार गोली मारने की धमकी दे रहे थे। सोचा कि कहीं बदमाश उनके पोते को गोली न मार दें। इस वजह से अपने जेवरात उतारकर बदमाशों को दे दिए। पीडि़ता का कहना है कि बदमाश कह रहे थे कि हमारे जाने के बाद 10 मिनट तक घटनास्थल पर ही रहना।
किसी तरह का कोई शोरशराबा मत करना। यदि ऐसा किया तो जान से हाथ धोना पड़ेगा। इसके बाद करनपुर गांव स्थित गेट पर पहुंची और पुलिस को घटना के बारे में बताया। घटना के बाद से वह और उनके परिवार के लोग डरे हुए हैं। बहराइच में तैनात बेटा भी घटना को लेकर चिंतित है।