रायबरेली। अमेठी जिले के जायस थाना क्षेत्र में करीब दस वर्ष पूर्व हुए हत्या के मामले में दोष सिद्ध होने पर कोर्ट ने पति, पत्नी व पुत्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। शुक्रवार को दीवानी कचहरी स्थित कोर्ट संख्या पांच के अपर सत्र न्यायाधीश प्रभात कुमार यादव ने सजा सुनाते हुए आरोपियों पर 13.5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले प्रभारी डीजीसी (क्रिमिनल) अजय मौर्य व एडीजीसी (क्रिमिनल) वीरेंद्र सिंह के मुताबिक मामले की रिपोर्ट जायस थाना क्षेत्र के पूरे राजा मजरे परवर फरीदपुर निवासी राजबहादुर ने दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार रास्ते में जाने को लेकर हुए विवाद के बाद 10 अप्रैल 2012 की सुबह गाली गलौज करते हुए नयापुरवा मजरे गोहना निवासी छेद्दू लोध, उसकी पत्नी राजरानी व बेटों अखिलेश, बब्बन व कप्तान ने गाली गलौज करते हुए वादी उसके पिता रामेश्वर, मां व बहन को मारने लगे।
वादी के पिता का सिर फट गया, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना के बाद छेद्दू लोध उर्फ बिंदा प्रसाद, उसकी पत्नी राजरानी व बेटों अखिलेश कुमार, बब्बन व कप्तान के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। किशोर अपचारी होने की वजह से बब्बन व कप्तान की पत्रावली सुनवाई के लिए किशोर न्याय बोर्ड भेजी गई। कोर्ट ने दोनों पक्ष की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर पति, पत्नी व बेटे को सजा सुनाई।