रायबरेली। नगर पालिका परिषद रायबरेली के 34 में से 22 सभासदों ने मंगलवार को विकास कार्यों में की गई अनियमितताओं पर पालिकाध्यक्ष शत्रोह्न सोनकर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सभी ने पालिकाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए जांच कराकर कार्रवाई की मांग की।
सभासद सतीश कुमार मिश्र, रामखेलावन बारी, पुष्पा यादव, मो. हुसैन, रीता देवी, आशा सिंह, मोहित कुमार सिंह, हसीना बानो, सुशील कुमार, सुनीता पाल, विजय वर्मा, रीता देवी, कमरुद्दीन समेत 22 ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट रामऔतार को सौंपा।
सिटी मजिस्ट्रेट को दिए ज्ञापन में सभासदों ने कहा है कि पालिकाध्यक्ष के घर पर आउटसोर्सिंग के तहत 12 से 15 कर्मचारियों से कार्य कराया जा रहा है, जबकि ऐसा कोई नियम नहीं है। पालिकाध्यक्ष प्रतिमाह डीजल के नाम पर 40 हजार रुपये का भुगतान ले रहे हैं, जबकि अधिशासी अधिकारी (ईओ) 20 हजार रुपये का भुगतान ले रहे हैं।
ईओ से कम क्षेत्र भ्रमण करने के बाद भी पालिकाध्यक्ष डीजल के लिए इतना भुगतान क्यों ले रहे हैं। चहेते वार्डों में ही पानी की टंकी लगवाई जा रही हैं। सर्दी में अलाव जलवाने के नाम पर लकड़ी खरीद में घोटाला किया गया है। बीती 10 फरवरी को भी इन मुद्दों को लेकर ज्ञापन दिया गया था, लेकिन आज तक कार्रवाई नहीं हुई। इन सभी बिंदुओं की जांच करके पालिकाध्यक्ष पर कार्रवाई की जाए, अन्यथा कलेक्ट्रेट में धरना शुरू किया जाएगा। उधर, पालिकाध्यक्ष का कहना है कि सभासदों की ओर से लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं।
विकास कार्य हो रहे प्रभावित
करीब एक माह से पालिकाध्यक्ष और सभासदों के बीच रार चल रही है। दिनोंदिन यह रार और बढ़ती जा रही है। इसका असर वार्डों के विकास कार्यों पर पड़ रहा है। नाली, खडंजा, साफ-सफाई समेत अन्य कार्य प्रभावित हैं। सभासदों का यहां तक आरोप है कि पालिकाध्यक्ष उनकी बात तक नहीं सुनते हैं। इससे उनके वार्डों में काम ठप है। इससे नागरिकों को परेशानी हो रही है।
डीएम लेंगी निर्णय : सिटी मजिस्ट्रेट
सिटी मजिस्ट्रेट रामऔतार ने बताया कि सभासदों की ओर से ज्ञापन दिया जाएगा। ज्ञापन डीएम तक पहुंचाया जाएगा। डीएम ही इस प्रकरण पर कोई निर्णय लेंगी। वैसे मामला गंभीर है। इसकी जांच जरूर कराई जाएगी।