डॉ. प्रभात।
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बछरावां (रायबरेली)। सीएचसी बछरावां में तैनात डॉ. प्रभात मिश्रा कोरोना से जंग जीतकर अब कोरोना मरीजों को 24 घंटे अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। कोरोना के मरीजों को देखकर जहां आम जनता से लेकर कुछ चिकित्सक भी दूरियां बना लेते हैं, वहीं डॉ. प्रभात कोरोना मरीजों के लिए फरिश्ता साबित हो रहे हैं।
कोरोना योद्धा डॉ. प्रभात कोरोना काल में 24 घंटे सेवा प्रदान कर रहे हैं। हफ्ते में सिर्फ एक या दो दिन घंटे के लिए अपने परिवार से मिलने लखनऊ जाते हैं और तुरंत वापस लौट आते हैं। परिवार में पत्नी हर्षिता मिश्रा के अलावा चार माह की बच्ची हैप्पी है।
पत्नी हर्षिता मिश्रा भी पेशे से चिकित्सक हैं और वह लखनऊ में ही प्राइवेट प्रैक्टिस करती हैं। ऐसे में मासूम बच्ची की परवरिश भी एक कठिन चुनौती है। छह माह पूर्व स्वयं कोरोना पॉजिटिव हो गए थे और कोरोना से जंग जीतकर बेखौफ होकर जनता की सेवा में लगे हुए हैं।
प्रभात ने कहा कि इस बात को झुठलाया नहीं जा सकता कि कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन यह भी सही है कि अगर मरीज चिकित्सकों के संपर्क में अविलंब आ जाते हैं तो तेजी से ऐसे मरीज ठीक भी हो रहे हैं।
डॉ. प्रभात ने कहा कि कोरोना मरीजों में सबसे ज्यादा इम्युनिटी का खेल है। दवा तो जरूरी है ही, लेकिन हम दवा के साथ साथ अगर मरीजों का मानसिक तनाव कम करने में सफल हो जाते हैं और मरीजों का हौसला बढ़ा देते हैं। क्षेत्रीय शशिकांत मिश्रा, पिंकू मिश्रा, जुबेर नगरामी, हरिओम सिंह, मनोज मिश्रा, सतीश ने डॉ.प्रभात के कार्यों की प्रशंसा की है।