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लॉडलों को गंभीर बीमारियों से बचाने वाले टीकों पर कोरोना का ग्रहण

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रायबरेली। मासूमों को गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए होने वाले नियमित टीकाकरण पर कोरोना का ग्रहण लग गया है। पिछले तीन महीने में लक्ष्य के सापेक्ष आधे बच्चों को भी टीके नहीं लगे पाए हैं। पिछले तीन महीने में 2.90 लाख बच्चों को टीका लगाने का लक्ष्य था।
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हालांकि 1.30 लाख बच्चों का ही टीकाकरण हो पाया। स्वास्थ्य विभाग ने सभी कर्मचारियों को कोरोना टीकाकरण मेें लगा दिया है। ऐसे में नियमित टीकाकरण प्रभावित हो गया है।
प्रसव के साथ ही नवजात को विभिन्न गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए टीकाकरण की व्यवस्था है। सरकारी अस्पतालों में हर बुधवार और शनिवार को बच्चों को निशुल्क टीके लगाए जाते हैं। पिछले साल से कोरोना का कहर बढ़ने से टीकाकरण प्रभावित हो गया है।
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इस साल भी लॉकडाउन से अप्रैल और मई महीने में टीकाकरण ठप रहा। महज कुछ बच्चों को ही टीका लग पाया। जून में करीब 80 हजार बच्चों में टीके लगाए गए। हालांकि कोरोना टीकाकरण पर विभाग के विशेष ध्यान देने के कारण नियमित टीकाकरण प्रभावित हो गया है।
तीन महीने में नियमित टीकाकरण का हाल
टीके का नाम तीन माह में टीकाकरण प्रगति (प्रतिशत में)
डीपीटी 5225 32.53
हेपेटाइटिस बी 4474 39.87
पीसीवी 8284 46.09
पेंटावेलेंट 8529 47.56
रोटा वायरस 8525 47.55
बीसीजी 7981 53.50
मिजिल्स 8427 54.29
विटामिन-ए 8427 54.29
जेई प्रथम 83.20 53.53
जेई द्वितीय 7944 51.15
मिजिल्स-2 7984 52.17
कोरोना के कहर से नियमित टीकाकरण प्रभावित हुआ है। लॉकडाउन के दौरान दो महीने प्रगति खराब रही, लेकिन जून में टीकाकरण में सुधार आया है। इस महीने नियमित टीकाकरण के लक्ष्य को पाने का प्रयास किया जा रहा है। बच्चों को समय से सभी टीके लगवाने का प्रयास किया जा रहा है।
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- डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
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