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मुआवजे को 47 अर्जियां पास, 16 मामले अब शासन को रेफर

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रायबरेली। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान कोरोना संक्रमित होकर जान गंवाने वाले 69 कर्मचारियों के आश्रितों की मुआवजे की अर्जी पर सुनवाई पूरी हो गई है। 47 आवेदन निर्धारित मानकों पर खरे उतरे हैं। 16 आवेदनपत्रों में खामियां मिलने के कारण उन्हें शासन स्तर पर निर्णय के लिए रेफर कर दिया गया है। छह आवेदनों को सिरे से निरस्त कर दिया गया है।
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में 15 अप्रैल को मतदान के बाद दो मई को मतगणना हुई थी। कोरोना का कहर भी अप्रैल और मई में ही सर्वाधिक था। चुनाव के बाद शासन ने चुनाव के दौरान कोरोना संक्रमण से जान गंवाने वाले कर्मचारियों का ब्योरा मांगा था।
शासन ने नए सिरे से दिशा निर्देश जारी करके मतदान से एक महीने के आसपास कोरोना से जान गंवाने वाले कर्मचारियों को 30-30 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्णय लिया। नई गाइड लाइन आने के बाद 69 मृत कर्मचारियों के आश्रितों ने मुआवजे के लिए ऑनलाइन आवेदन किया।
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जांच में 47 आवेदन शासन से निर्धारित मानकों पर खरे पाए गए हैं। उन्हें पात्र घोषित किया गया है लेकिन 16 आवेदनों पर फैसला नहीं हो पाया। उन्हें अपर मुख्य सचिव को रेफर कर दिया गया है। इस मामलों में शासन स्तर से ही निर्णय लिया जा सकेगा। छह आवेदन सिरे से निरस्त कर दिया गया है।
13 कर्मचारियों की मौत से पहले नहीं हुई कोरोना की जांच
मुआवजे के लिए आए 13 आवेदनों की जांच में स्पष्ट हुआ कि मृत कर्मचारियों की मौत से पहले कोरोना की जांच नहीं कराई गई है। इसके अलावा तीन मामलों में भी कोरोना की पॉजिटिव रिपोर्ट नहीं आई, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना से मौत की पुष्टि नहीं हुई।
इन्हीं 16 मामलों को निर्णय लेने के लिए शासन को रेफर किया गया है। कई कर्मचारियों की तबियत पहले ही खराब होने के कारण उन्होंने चुनाव में ड्यूटी भी नहीं की। हालांकि इन मामलों का फैसला शासन स्तर से लिया जाएगा।
इन कर्मचारियों के 16 मामले शासन को हुए हैं रेफर
आवेदन के बाद मामले संदिग्ध प्रतीत होने पर 16 मामलों को शासन को रेफर किया गया है। इसमें शिक्षिका शकीला परवीन, गुड्डी देवी, सुशीला देवी, पुष्प लता मिश्रा, शिक्षक हरिपाल, विजय पाल, जगजीवन, मो. औजुल गफूर, राममूर्ति के मामले रेफर किए गए हैं। इसके अलावा पंचायतीराज विभाग के कर्मचारी राजपाल, सहकारिता विभाग के कर्मचारी अनिल कुमार वर्मा, सिंचाई विभाग के कर्मचारी राजदेव सिंह, सतीश कुमार, नगर विकास विभाग के कर्मचारी प्रवीण कुमार, राजस्व विभाग के कर्मचारी अशोक कुमार सिंह, ग्राम्य विकास विभाग के कर्मचारी योगेश कुमार के मामले भी अपर मुख्य सचिव को रेफर किए गए हैं।
पंचायत चुनाव के दौरान कोरोना से जान गंवाने वाले 69 कर्मचारियों के आश्रितों ने आवेदन किया था। 47 आवेदन मानक पर खरे मिले। 16 मामले संदिग्ध होने पर उन्हें अपर मुख्य सचिव को रेफर किया गया है। छह आवेदनों को निरस्त किया गया है।
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- राजेंद्र प्रसाद, डीपीआरओ
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