रायबरेली। कोरोना संक्रमण से उबर चुके लोगों में अब एंटीबाडी की जांच होगी। जिसमें पता लगाया जाएगा कि कोरोना को मात दे चुके मरीजों में एंटीबॉडी बनी या नहीं। जिले में नौ से 11 जून तक 11 सीरो सर्वे होगा।
कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण का फैलाव और संक्रमण का स्तर इस सर्वे के माध्यम से पता लगाया जाएगा। जिले में 744 लोगों के खून का सैंपल लेकर केजीएमयू लखनऊ भेजकर जांच कराई जाएगी।
सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में 31 साइट्स का चयन किया गया है, जिसमें तीन शहरी व 28 ग्रामीण साइट्स के माध्यम से सर्वे का काम होगा। यह सर्वे 12 टीमों के माध्यम से संपन्न होगा।
हर टीम में चार सदस्य होंगे, जिसमें एक मेडिकल ऑफीसर, एक लैब टेक्नीशियन, एक एएनएम और एक आशा कार्यकर्ता होगी। हर टीम अपने क्षेत्र को चार भागों में बांटेगी और हर भाग के छह घरों से 18 वर्ष की आयु से अधिक के दो पुरुष और दो महिला तथा 18 वर्ष से कम आयु के दो लोगों के रक्त के नमूने लिए जाएंगे। यह नमूने व्यक्ति की लिखित सहमति के बाद ही लिए जाएंगे।
सीएमओ ने बताया सीरो सर्वे के माध्यम से यह पता लगाया जाता है, कि कितनी आबादी कोरोना से संक्रमित हुई है और कितने प्रतिशत लोगों में हार्ड इम्यूनिटी विकसित हुई है। लोगों के शरीर से खून लेकर उसकी जांच की जाती है, जिससे शरीर में कोरोना वायरस से लड़ने वाले एंटीबॉडी का पता लगाया जाता है।
जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डीएस अस्थाना ने बताया कि जनसमूह का चुनाव वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर किया गया है। एंटीबॉडी का पता लगाने के लिए रक्त के नमूने केजीएमयू लखनऊ भेजा जाएगा।
इसके परिणाम से ही कोरोना की रोकथाम के लिए योजना बनाई जाएगी। कुल 744 रैंडम सैंपल लिए जाएंगे, जिसमें 72 शहरी और 672 ग्रामीण क्षेत्रों से लिए जाएंगे। इसके अलावा 42 सैंपल उन लोगों के लिए जाएंगे जो कोरोना संक्रमित हो चुके हैं।