मैगी नूडल्स और बावर्ची वनस्पति के नमूने जांच में फेल आने पर नूडल्स बनाने वाली दिल्ली की नेस्ले इंडिया और बावर्ची वनस्पति के निर्माता मंटोरा ऑयल प्रोडक्ट्स कोलकाता समेत चार लोगों पर मुकदमा किया गया है।
यह मुकदमा एफएसडीए के खाद्य सुरक्षा अधिकारी (एफएसओ) ने बुधवार को न्याय निर्णायक अधिकारी/ एडीएम प्रशासन के कोर्ट में दायर किया है। निर्माताओं व विक्रेताओं पर धारा 51 के तहत दंडित करने का अनुरोध न्याय निर्णायक अधिकारी से किया गया है।
एफएसडीए के खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसके साहू ने अभियान के दौरान 1 मई 2015 को हरचंदपुर कस्बे में मो. कफील की दुकान से मैगी नूडल्स और 18 अक्तूबर 2015 को हरदासपुर में अतुल कुमार की दुकान से बावर्ची वनस्पति का नमूना भरा था।
दोनों नमूनों को जांच के लिए विधि विशेषज्ञ प्रयोगशाला वाराणसी भेजा गया था। जनवरी में दोनों नमूनों की जांच रिपोर्ट आ गई थी। नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे थे। निर्माताओं ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 26(2) का उल्लंघन किया।
नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद विक्रेताओं व निर्माताओं को नोटिस जारी किया गया। जवाब व आने पर एफएसओ ने बुधवार को दोनों मामले में न्याय निर्णायक अधिकारी/ एडीएम प्रशासन के न्यायालय में मुकदमा कर दिया है।
मैगी नूडल्स बनाने वाले निर्माता नेस्ले इंडिया लिमिटेड एम-5ए कैनफ सरकस नई दिल्ली व विक्रेता मो. कफील पर मुकदमा किया गया है। इसके अलावा बावर्ची वनस्पति के निर्माता मंटोरा ऑयल प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड 16 ताराचंद दत्त स्ट्रीट कोलकाला (पश्चिम बंगाल) व विक्रेता अतुल कुमार पर मुकदमा किया है।
विधि विशेषज्ञ प्रयोगशाला वाराणसी से आई नमूनों की जांच रिपोर्ट में नेस्ले इंडिया के मैगी नूडल्स के नमूने की जांच में ऐश (राख) की मात्रा एक प्रतिशत से अधिक पाई गई है। जबकि मानकों के आधार पर यह मात्रा एक प्रतिशत या इससे कम होनी चाहिए।
इसी तरह मंटोरा ऑयल प्रोडक्ट्स के बावर्ची वनस्पति में फ्री फैटी एसिड (एफएफए) की मात्रा 0.25 प्रतिशत से अधिक मिली है। इसी कारण दोनों नमूनों का सब स्टैंडर्ड घोषित किया गया है।
एफएसडीए के अभिहित अधिकारी शशांक त्रिपाठी ने बताया कि विधि विश्लेषक प्रयोगशाला वाराणसी से मैगी नूडल्स, बावर्ची वनस्पति और दूध का नमूना फेल आने के बाद निर्माताओं, दुकानदारों व दूधियों पर न्याय निर्णायक अधिकारी के कोर्ट में मुकदमा किया गया है। मुकदमों की पैरवी करके आरोपियों पर अधिक से अधिक जुर्माना कराया जाएगा।