रायबरेली। हत्या के मामले में बृहस्पतिवार को 17 साल बाद कोर्ट का फैसला आया। कोर्ट ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 22 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
सरेनी थाना क्षेत्र के शीतलखेड़ा मजरे पहुरी निवासी शिवकरन पासी की 30 सितंबर 2009 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के पिता रघुनाथ पासी की तहरीर पर पुलिस ने गांव निवासी पवन कुमार सिंह के खिलाफ हत्या, एससीएसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की थी। बताते हैं कि शिवकरन काफी समय से आरोपी पवन के घर पर मजदूरी कर रहा था। मजदूरी मांगने पर पवन ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
पुलिस ने विवेचना कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई थी। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज एससी-एसटी प्रतिमा त्रिपाठी के न्यायालय में हुई। अभियोजन की ओर से अर्चना दीक्षित ने सात गवाह पेश किए। कोर्ट ने दोषी पाने पर पवन को सजा सुनाई। संवाद